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राष्ट्रीय लोक अदालत में 60 हजार से अधिक मामलों का निस्तारण, न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्र ने किया शुभारंभ
बस्ती, 09 मई 2026.
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशन में शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बस्ती द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रशासनिक न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्र ने सरस्वती चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश शमसुल हक, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवेन्द्र कुमार प्रथम सहित कई न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।
एक दिवसीय निरीक्षण दौरे पर बस्ती पहुंचे प्रशासनिक न्यायमूर्ति का स्वागत पौधा और पुष्पगुच्छ देकर किया गया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने जिला कारागार बस्ती की ओर से लगाई गई प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में बंदियों द्वारा तैयार हस्तशिल्प सामग्री, अचार और अन्य उत्पादों को प्रदर्शित किया गया, जिसे लोगों ने काफी सराहा। वहीं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन विभाग की ओर से ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना के तहत भी विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई, जहां आम लोगों ने खरीदारी भी की।
कार्यक्रम के दौरान न्यायमूर्ति ने न्यायालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके अलावा वादकारियों और अधिवक्ताओं की सुविधा के लिए नई लिफ्ट और कॉरिडोर का उद्घाटन भी किया गया। लिफ्ट के माध्यम से प्रथम तल पर पहुंचकर उन्होंने विभिन्न न्यायिक कक्षों का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
परिवार न्यायालय में सुलह-समझौते के बाद साथ रहने को तैयार दंपत्तियों को न्यायमूर्ति ने शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही स्थायी लोक अदालत, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष राकेश कुमार शुक्ला सहित अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।
राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जनपद न्यायालय परिसर, ग्राम न्यायालयों, तहसीलों, राजस्व न्यायालयों और कलेक्ट्रेट में किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्स्ना, पुलिस अधीक्षक डा. यशबीर सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों का योगदान रहा।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवेन्द्र कुमार प्रथम ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 60,802 मामलों का निस्तारण किया गया। इनमें 58,246 प्री-लिटिगेशन मामलों और 2,556 न्यायालयों में लंबित मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निपटारा कराया गया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा 65 मामलों में 94 लाख 70 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान की गई। वहीं आपराधिक मामलों में 71 हजार 800 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए। कुल मिलाकर विभिन्न मामलों में 6 करोड़ 3 लाख 44 हजार 173 रुपये की धनराशि वसूली गई।

हालांकि लोक अदालत परिसर में लगाए गए बिजली विभाग के स्टॉल पर बैनर न होने के कारण बिजली संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए पहुंचे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। कई लोग जानकारी के अभाव में इधर-उधर भटकते दिखाई दिए।
राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी मो. रिजवानुल हक, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय आराधना रानी, अपर जिला जज कमलेश कुमार, विशेष न्यायाधीश रामकरन यादव, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप, सिविल जज साबिहा खातून, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राज बाबू, आरिफ अहमद अंसारी सहित सभी न्यायिक अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ कौशल किशोर श्रीवास्तव, डिप्टी चीफ शैलजा कुमार पाण्डेय तथा अन्य अधिवक्ताओं की भी सक्रिय सहभागिता रही।
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