महिला उत्पीड़न के मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: डॉ. बबिता सिंह चौहान…….

Gyan Prakash Dubey NGV PRAKASH NEWS

महिला सुरक्षा पर सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध, उत्पीड़न के मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: डॉ. बबिता सिंह चौहान

बस्ती, 23 जुलाई 2026।

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष एवं दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री डॉ. बबिता सिंह चौहान ने गुरुवार को बस्ती जनपद के दौरे पर महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की जनसुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि महिलाओं से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

सर्किट हाउस में आयोजित जनसुनवाई के दौरान उन्होंने मधू सिंह, प्रेमा देवी, रूपाली आर्या, अंचला गुप्ता तथा शिवनारायण गुप्ता की पुत्री से जुड़े मामलों को गंभीरता से सुना। इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ), महिला क्षेत्राधिकारी स्वर्णिमा सिंह तथा महिला थानाध्यक्ष डॉ. शालिनी सिंह को निर्देशित किया कि सभी मामलों में तत्काल प्रभावी एवं सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशन में प्रदेश सरकार महिला सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और महिला सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में महिला उत्पीड़न के मामलों में पहले की तुलना में उल्लेखनीय कमी आई है।

जनसुनवाई से पहले डॉ. बबिता सिंह चौहान ने रानी वीरांगना तलाश कुंवरि महिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने कन्या जन्मोत्सव किट, अन्नप्राशन, गोद भराई, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना के लाभार्थियों को किट, लैपटॉप, पोषण पोटली तथा प्रशस्ति पत्र वितरित किए। उन्होंने अस्पताल की चिकित्सा सुविधाओं, साफ-सफाई और व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए चिकित्सालय के सीएमएस को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

इसके बाद उन्होंने सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण कर रसोई गृह, काउंसलर डेस्क और प्रबंधन व्यवस्था की जानकारी ली तथा महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की।

जिला प्रोबेशन अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि कन्या जन्मोत्सव किट योजना के अंतर्गत ज्योति, शीला देवी, प्रियंका, साहिबा खातून, सुमन, सपना, वंदना, ममता, खुशबुन्निशा, पूनम तथा सपना को लाभान्वित किया गया। वहीं मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत अकरा फातिमा, नित्या, आरोही, नव्या और सान्वी को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। निराश्रित महिला पेंशन योजना के अंतर्गत पुष्पा देवी, बबिता, जनक नंदिनी, गंगोत्री तथा शिवकुमारी को लाभ दिया गया। इसके अलावा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत जान्हवी पाण्डेय, मोहम्मद सैद, आभा पाल और रितिक सिंह को ₹4,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

मीडिया से बातचीत में डॉ. बबिता सिंह चौहान ने छात्रों के मुद्दे पर कहा कि सरकार उनकी समस्याओं को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और छात्र संगठनों से बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष छात्रों के मुद्दों को राजनीतिक रंग देकर अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार पेपर लीक मामलों में लगातार कार्रवाई कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

महिला उत्पीड़न के मामलों पर उन्होंने कहा कि महिला आयोग के पास आने वाले लगभग सभी मामलों का निस्तारण कराया जाता है। केवल वही प्रकरण लंबित रहते हैं जो न्यायालयों में विचाराधीन होते हैं।

इस अवसर पर बाल संरक्षण अधिकारी बीना सिंह, वरिष्ठ सहायक अशोक सिंह, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के अधिकारी, महिला लाभार्थी तथा विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।

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