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छत्तीसगढ़: अगवा कर नाबालिग से दुष्कर्म और जबरन अबॉर्शन कराने का मामला, समुदाय के दो प्रमुख गिरफ्तार
रायपुर 23 जुलाई 2026:
छत्तीसगढ़ के कोरिया और सूरजपुर जिले से एक दर्दनाक मामला सामने आया है। दूसरे समुदाय के युवक से भागकर शादी करने वाली 17 वर्षीय नाबालिग लड़की का उसके ही परिजनों द्वारा अपहरण कर लिया गया। इसके बाद लड़की को उसके समुदाय के दो प्रमुखों के हवाले कर दिया गया, जिन्होंने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया और उसका जबरन गर्भपात (अबॉर्शन) कराने का प्रयास किया।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार
- शादी और गुमशुदगी: कुछ महीने पहले कोरिया जिले की रहने वाली 17 वर्षीय नाबालिग ने दूसरे समुदाय के युवक से विवाह कर लिया था। शुरुआत में परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन शादी का पता चलने पर शिकायत वापस ले ली थी।
- ससुराल से जबरन ले जाना: जुलाई की शुरुआत में लड़की के परिजन और उनके समुदाय के दो प्रमुख (रमेश सिंह और दारोगा सिंह) उसके ससुराल पहुंचे। ससुराल वालों के भारी विरोध के बावजूद वे लड़की को जबरदस्ती अपने साथ उठाकर ले गए।
- बंधक बनाकर दुष्कर्म और बर्बरता: परिजनों ने लड़की को समुदाय के दोनों प्रमुखों के हवाले कर दिया। आरोपी उसे सूरजपुर जिले के चांदनी-बिहारपुर इलाके स्थित अपने घर ले गए और उसे बंधक बना लिया। आरोपियों ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया।
- गर्भवती होने पर क्रूरता: जब आरोपियों को पता चला कि पीड़िता 5 महीने की गर्भवती है, तो उन्होंने उसे जबरन गर्भपात की दवाइयां खिलाईं और पेट पर लात मारकर बच्चा गिराने की कोशिश की।
मेडिकल स्टोर से पति को फोन कर मांगी मदद
पीड़िता ने अपनी आपबीती बताते हुए पुलिस को बताया कि जब आरोपी उसे और अबॉर्शन की गोलियां लाने के लिए एक मेडिकल स्टोर पर ले गए, तब उसने मौका पाकर अपने पति को फोन किया और पूरी घटना की जानकारी दी।
पति ने बिना देरी किए तुरंत पुलिस से संपर्क किया और पूरे मामले की सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए पीड़िता को सकुशल मुक्त कराया। सूरजपुर जिले के चांदनी-बिहारपुर इलाके से दोनों नामजद आरोपियों—रमेश सिंह और दारोगा सिंह—को गिरफ्तार कर लिया गया है।
आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मंगलवार को दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस का प्राथमिक अनुमान है कि लड़की के परिवार ने शुरुआत में इस शादी को स्वीकार कर लिया था, लेकिन बाद में सामाजिक व समुदाय के दबाव के कारण उन्होंने यह खौफनाक कदम उठाया। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है।
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