चेहरा देखते ही पहचान लेती है यह हाईटेक मशीन! जंतर-मंतर पर 2,500 से ज्यादा आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों की हुई पहचान…….

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चेहरा देखते ही पहचान लेती है यह हाईटेक मशीन! जंतर-मंतर पर 2,500 से ज्यादा आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों की हुई पहचान, जानिए कैसे करता है काम

नई दिल्ली, 25 जुलाई 2026।

राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने यहां अत्याधुनिक फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) तैनात किया है, जिसने महज तीन दिनों में 2,500 से अधिक ऐसे लोगों की पहचान की है जिनका आपराधिक रिकॉर्ड पहले से पुलिस के डेटाबेस में दर्ज है। यह खुलासा 20 जुलाई को हुए ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हुई हिंसा की जांच के बीच सामने आया है।

बताया जा रहा है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों पर चाकू और अन्य धारदार हथियारों से हमला किया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर के मुख्य प्रवेश और निकास द्वारों पर फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) की चार यूनिट स्थापित कर दीं, जो लगातार आने-जाने वाले लोगों की निगरानी कर रही हैं।

क्या है फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) और कैसे करता है काम?

फेशियल रिकग्निशन सिस्टम आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और बायोमेट्रिक तकनीक पर आधारित एक स्मार्ट पहचान प्रणाली है। यह किसी व्यक्ति का चेहरा कैमरे में आते ही उसकी तस्वीर का विश्लेषण करती है और चेहरे की बनावट, आंखों के बीच की दूरी, नाक का आकार, जबड़े की संरचना, होंठों की बनावट तथा अन्य दर्जनों विशिष्ट बिंदुओं का डिजिटल नक्शा तैयार करती है।

इसके बाद यह डिजिटल फेस प्रोफाइल पुलिस के डेटाबेस में पहले से मौजूद लाखों रिकॉर्ड से कुछ ही सेकंड में मिलान करती है। यदि चेहरा किसी वांछित अपराधी, हिस्ट्रीशीटर, फरार आरोपी या पहले गिरफ्तार हो चुके व्यक्ति से मेल खाता है, तो सिस्टम तुरंत कंट्रोल रूम और मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को अलर्ट भेज देता है। इसके कारण पुलिस बिना भीड़ में अफरा-तफरी मचाए संदिग्ध व्यक्ति की पहचान कर सकती है और आवश्यक कार्रवाई कर सकती है।

जंतर-मंतर पर कैसे हो रही है निगरानी?

दिल्ली पुलिस के अनुसार, 21 जुलाई से 23 जुलाई के बीच FRS ने 2,500 से अधिक आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों की पहचान की। सिस्टम की सभी यूनिट सीधे दिल्ली पुलिस के रिकॉर्ड से जुड़ी हैं और अधिकारी रियल-टाइम में इसकी निगरानी कर रहे हैं। इससे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान तत्काल सत्यापित की जा सकती है।

20 जुलाई की हिंसा के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा

गौरतलब है कि 20 जुलाई को CJP के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई थी। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी और सुरक्षाकर्मी घायल हुए थे। हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने अब तक 15 एफआईआर दर्ज की हैं और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा पुलिस पर हमले के आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई जारी है।

नीट पेपर लीक के विरोध में जारी है प्रदर्शन

जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हजारों छात्र नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्रालय में जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी आंदोलन के दौरान सुरक्षा को मजबूत करने के लिए फेशियल रिकग्निशन सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है।

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