बड़ी खबर: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा…….

NGV PRAKASH NEWS

🚨 ब्रेकिंग न्यूज़: NEET विवाद के बीच बड़ा राजनीतिक धमाका!

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा फैसला, प्रधानमंत्री मोदी को सौंपा इस्तीफा

नई दिल्ली:
देश की राजनीति और शिक्षा जगत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। देश के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। CJP प्रतिनिधिमंडल के साथ केंद्र सरकार की तीसरे दौर की महत्वपूर्ण बातचीत से ठीक पहले धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजकर सभी को चौंका दिया है।
NEET-UG पेपर लीक को लेकर देशभर में हो रहे चौतरफा विरोध और दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के उग्र आंदोलन के बीच शिक्षा मंत्री का यह कदम बेहद मायने रखता है। धर्मेंद्र प्रधान ने खुद सोशल मीडिया पर अपना त्यागपत्र साझा करते हुए पद छोड़ने की असली वजह उजागर की है।

“40 साल के समर्पण के बाद भारी मन से फैसला” — इस्तीफे में छलका दर्द

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने आधिकारिक पत्र में लिखा कि उन्होंने सार्वजनिक जीवन में कभी अपनी जवाबदेही से मुंह नहीं मोड़ा है।

“मैं पिछले 40 से अधिक वर्षों से छात्रों, शिक्षकों और देश के शिक्षा सुधारों के लिए समर्पित रहा हूँ। मेरा अटूट विश्वास है कि एक मजबूत और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही भारत के विकास का असली आधार है।”

पत्र में उन्होंने NEET-UG परीक्षा की अनियमितताओं पर की गई त्वरित कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि 3 मई को गड़बड़ी की शिकायत मिलते ही तत्काल कदम उठाए गए थे—मामले की जांच सीबीआई (CBI) को सौंपी गई और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित की गई।

“छात्रों को गुमराह किया गया, 10 दिनों की घटनाओं से व्यथित हूँ”

इस्तीफे की चिट्ठी में शिक्षा मंत्री का दर्द और राजनीतिक टकराव को लेकर नाराजगी साफ नजर आई। उन्होंने लिखा:

  • भविष्य की योजना: सरकार ने सुधार के तौर पर वर्ष 2027 से NEET परीक्षा को पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड (CBT) मोड में कराने का ऐतिहासिक ऐलान भी कर दिया था।
  • राजनीतिक घेराबंदी: इसके बावजूद जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने लगातार छात्रों को गुमराह करने और भड़काने का प्रयास किया।
  • इस्तीफे का कारण: “पिछले 10 दिनों में जो कुछ भी हुआ है, उससे मैं बेहद व्यथित हूँ। यह मेरी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का सवाल नहीं, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य का मामला है। मैं नहीं चाहता कि हमारे छात्रों का भविष्य अदालती चक्रव्यूह और राजनीतिक टकराव में उलझकर बर्बाद हो, इसीलिए मैं पद छोड़ने का निर्णय ले रहा हूँ।”

शिक्षा जगत और राजनीति में हड़कंप

NEET-UG मामले को लेकर लगातार घिरे शिक्षा मंत्री के इस तरह अचानक इस्तीफा देने से सरकार और विपक्ष दोनों खेमों में हलचल तेज हो गई है। जंतर-मंतर पर डटे छात्रों और शिक्षक संघों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि केंद्र सरकार इस इस्तीफे पर क्या रुख अपनाती है और शिक्षा मंत्रालय की कमान किसे सौंपी जाती है।

NGV PRAKASH NEWS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *