Gyan Prakash Dubey

NGV PRAKASH NEWS
बस्ती अंधेरे में: अघोषित बिजली कटौती से उबल रहा जनाक्रोश, रातभर रोस्टिंग-ब्रेकडाउन ने छीनी लोगों की नींद, सड़क पर उतरे उपभोक्ता
बस्ती, 27 जुलाई 2026। जनपद बस्ती में अघोषित बिजली कटौती अब केवल तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि आम लोगों के लिए गंभीर जनसमस्या बन चुकी है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक उपभोक्ता लगातार घंटों बिजली गुल रहने, बार-बार रोस्टिंग, सीटी डाउन (शटडाउन) और ब्रेकडाउन की समस्या से जूझ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि शाम ढलते ही बिजली कटौती का सिलसिला शुरू हो जाता है और पूरी रात चलता रहता है। उमस भरी गर्मी में लोगों को न दिन में राहत मिल रही है और न रात में चैन की नींद।
ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति और भी चिंताजनक बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन में बिजली बार-बार आती-जाती रहती है, जबकि शाम होते ही लंबे शटडाउन और रोस्टिंग शुरू हो जाती है। जैसे ही कुछ देर के लिए बिजली आती है, कुछ ही मिनटों बाद ब्रेकडाउन के नाम पर फिर आपूर्ति बंद कर दी जाती है। ब्रेकडाउन ठीक होने के कुछ समय बाद दोबारा रोस्टिंग शुरू हो जाती है। यह क्रम लगभग हर रात जारी रहता है।
इस लगातार हो रही बिजली कटौती का सबसे अधिक असर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों पर पड़ रहा है। भीषण उमस और गर्मी के कारण लोगों की रातभर नींद पूरी नहीं हो रही है। कामकाजी लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है, वहीं छात्रों की पढ़ाई और एकाग्रता पर भी असर पड़ रहा है। कई लोगों में सिरदर्द, शरीर दर्द, चिड़चिड़ापन और थकान जैसी समस्याएं बढ़ने लगी हैं।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिजली विभाग के अधिकारी केवल आश्वासन देते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा। एक उपभोक्ता ने आरोप लगाया कि जब भी वह सोशल मीडिया पर शिकायत दर्ज कराता है, उसके मोबाइल पर जल्द समस्या समाधान का संदेश आ जाता है, लेकिन बिजली बहाल नहीं होती। इतना ही नहीं, शिकायत का निस्तारण दिखाते हुए विभाग की ओर से यह भी दर्ज कर दिया जाता है कि उपभोक्ता विभाग की कार्यशैली से संतुष्ट है और कर्मचारियों की प्रशंसा कर रहा है, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है।
इसी बढ़ते आक्रोश के बीच बड़ेवन-बांसी रोड पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। करीब 16 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से नाराज उपभोक्ताओं ने औराईन होटल के सामने बड़ेवन-कंपनी बाग फोरलेन मार्ग जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बरगदवा क्षेत्र में ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण शनिवार रात से बिजली पूरी तरह ठप है, जिससे 150 से अधिक घरों और दुकानों में अंधेरा पसरा हुआ है। लगातार शिकायतों के बावजूद जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। दोपहिया वाहन किसी तरह निकलते रहे, जबकि बड़े वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि सूचना देने के बावजूद बड़ेवन चौकी पुलिस समय पर मौके पर नहीं पहुंची। बाद में शहर कोतवाल को सूचना दिए जाने पर पुलिस बल भेजे जाने की बात कही गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। दुकानों में रखा खराब होने वाला सामान नष्ट हो रहा है, इनवर्टर जवाब दे चुके हैं और छोटे व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ट्रांसफार्मर बदलकर नियमित बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से लगातार मिल रही शिकायतें इस ओर संकेत करती हैं कि यह समस्या किसी एक मोहल्ले या गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था सवालों के घेरे में है। भीषण गर्मी के बीच अघोषित कटौती ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। अब लोगों की निगाहें सरकार और बिजली विभाग पर टिकी हैं कि आखिर कब तक उपभोक्ताओं को आश्वासनों के सहारे रखा जाएगा और कब उन्हें निर्बाध बिजली आपूर्ति का अधिकार वास्तव में मिल पाएगा।
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