
जी.पी. दुबे
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NGV PRAKASH NEWS
संविधान बदलने का वक्तव्य पड़ गया भारी
5 जून 24.
मैंने अपने समाचार में पहले ही कहा था कि भाजपा का संविधान बदलने के लिए कुछ नेता और मंत्रियों का बयान कहीं भारी न पड़ जाए | और हुआ भी यही उत्तर प्रदेश में संविधान बदलने का डर दलित फोटो में इस कदर हो गया कि उनका झुकाव अपने परंपरागत पार्टी बहुजन समाज पार्टी को छोड़कर इंडिया गठबंधन की तरफ झुक गया और दलित मतदाताओं ने बहुजन समाज पार्टी से अलग हटकर जो वोट दिया उसमें से 90 प्रतिशत वोट समाजवादी पार्टी की तरफ गया, जब तक भारतीय जनता पार्टी इस डैमेज को कंट्रोल कर पाती तब तक बहुत देर हो चुकी थी | और इंडिया गठबंधन लगातार संविधान बदलने कार्टर दलित मतदाताओं में बैठाती चली गई |
रही सही कसर भारतीय जनता पार्टी के उन उम्मीदवारों ने पूरा कर दिया जिन्होंने मोदी के नाम पर दो चुनाव जीतकर अपने क्षेत्र में कुछ नहीं किया था और ना ही वह अपने परंपरागत वोटरों तथा कार्यकर्ताओं को कोई भाव दे रहे थे | अगर भाजपा ने उम्मीदवारों को बदला होता तो भी स्थिति कुछ सुधार सकती थी |
ऐसा नहीं है कि केवल यही फैक्टर था भारतीय जनता पार्टी का ओवर कॉन्फिडेंस और लगातार प्रधानमंत्री मोदी के भाषणों में अपनी उपलब्धियां को ना गिना कर परिवार बाद और शहजादे जैसे भाषण पर ज्यादा केंद्रित रहना भी भाजपा के लिए हानिकारक साबित हुआ |
