
सम्पादकीय
जी. पी. दुबे
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NGV PRAKASH NEWS
उत्तर प्रदेश में एनडीए क्यों हारा एवं इंडिया क्यों जीता, क्या कारण रहे
5 जून 24.
लोकसभा चुनाव 2024 की मतगणना लगभग समाप्त हो चुकी है, नतीजा पूरी तरह स्पष्ट हो चुके हैं और एनडीए गठबंधन बहुमत का आंकड़ा 272 को पार कर 292 सीटों पर पहुंच गया है | यदि कोई बड़ा उलट फेर नहीं होता तो नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तीसरी बार एनडीए सरकार अपना शपथ ग्रहण करेगी |
इंडिया गठबंधन 233 सांसदों को लोकसभा भेजने में सफल रही | कांग्रेस जहां पिछली चुनाव में 40 सीटों पर सिमट गई थी वही वह इस बार 99 सीट जीतने में सफल रही.
इस चुनाव में जहां भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है उसके कुल सांसद 241जो इंडिया गठबंधन के कुल सांसदों से भी ज्यादा है |
लेकिन पिछले चुनाव के अपेक्षा उसे इस बार 24 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा है |
उत्तर प्रदेश जहां पर पार्टी को बहुत ज्यादा उम्मीद थी वहां उसका प्रदर्शन उसके उम्मीद के विपरीत काफी खराब रहा और उसे मात्र 33 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा |
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी तथा कांग्रेस का गठबंधन सफल रहा जहां पिछली बार सपा के 5 सांसद लोकसभा पहुंचे थी वहीं इस बार उसके 36 सांसद लोकसभा में पहुंच रहे हैं और पिछली बार की अपेक्षा उसे 31 सीटों का फायदा हुआ है |
उत्तर प्रदेश 2019 में भाजपा 64 सांसद लोकसभा में भेजने वाला प्रदेश में भाजपा कितनी दुर्गत क्यों हुई..
👉 भाजपा उत्तर प्रदेश में अधिक आत्मविश्वास के साथ चुनाव लड़ रही थी…
👉 उम्मीदवारों का चयन गलत हुआ, केंद्रीय नेतृत्व को यह इनपुट मिला था कि कुछ सांसदों से वहां की जनता नाराज है उसके बाद भी उनका टिकट देना..
👉 10 साल लगातार सांसद रहने के बाद भी पूरे क्षेत्र में न जाना.
👉 कार्यकर्ताओं का उपेक्षा..
👉 अति आत्मविश्वास में कुछ मंत्रियों नेताओं का यह बयान देना कि 400 से ज्यादा सीटे हमें संविधान बदलने के लिए चाहिए..
👉 दलित मतदाताओं का पूरी तरह सपा के पक्ष में जाना…
👉 इस प्रचंड गर्मी में सवर्ण मतदाताओं का घर से ना निकालना..
👉 10 वर्षों से लगातार सांसद रहने की वजह से इनकंबेंसी माहौल बनना..
👉 चुनाव के समीप आने पर नौकरी के लिए वैकेंसी निकालना उसके बाद पेपर लीक होना और परीक्षा का निरस्त हो जाना..
👉 केवल नरेंद्र मोदी के छवि के सहारे रहना…
आदि प्रमुख कारण भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश में हार के प्रमुख कारण बने |
उत्तर प्रदेश में इंडिया गठबंधन के जीत के प्रमुख कारण
👉 महंगाई,बेरोजगारी….
👉 संविधान में बदलाव के भाजपा की कुछ नेताओं के बयान को मुद्दा बना लेना और इसको लेकर मतदाताओं के मन में यह भय पैदा कर देना कि यदि भाजपा जीती तो संविधान समाप्त कर देगी..
👉 लगातार 10 वर्षों से भाजपा के सत्ता में रहने के कारण जनता कुछ बदलाव भी चाह रही थी..
👉 प्रशासन का भ्रष्ट होना, घूसखोरी का बढ़ना और पुलिस प्रशासन का निरंकुश होने का फायदा भी इंडिया गठबंधन को मिला…
👉 दलित , पिछड़ा तथा अल्पसंख्यक एकजुट होकर समाजवादी पार्टी के पक्ष में मतदान करना…
👉 दलितों के मन में यह पैदा कर देना कि यदि मोदी जीते तो अगली बार चुनाव नहीं होगा यह अंतिम चुनाव साबित हो सकता है..
👉 सपा के वोटरों का मुखर होकर यह प्रचार करना कि सपा प्रचंड वोटो से जीत रही है ने भी कुछ प्रतिशत मतदाताओं का मन बदल दिया…
👉गैस सिलेंडर के दामों का ज्यादा होना…
👉 इंडिया गठबंधन का या घोषणा की प्रतीक महिला के खाते में 1 जुलाई से 8 500 रुपया हर महीने आ जाया करेंगे…
कांग्रेस या छिपा ली गई कि वह केवल गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार की एक महिला को या पैसा मिलेगा, जिसके कारण सभी दलित और पिछडों का वोट इनको मिला कि प्रत्येक महिला को 1 लाख सालाना मिलेगा.. जिसके कारण उनका एक मुस्त वोट सपा को गया..
NGV PRAKASH NEWS
के लिए .. ज्ञान प्रकाश दुबे
एडिटर इन चीफ
