
जी.पी. दुबे
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यूपीएस और एनपीएस में क्या है अंतर
मोदी सरकार 3 ने कर्मचारियों की बहु प्रतीक्षित पेंशन की मांग को नए रूप पेश किया है |
आईए जानते हैं एनपीएस और यूपीएस क्या है और दोनों में क्या अंतर है..
एनपीएस मतलब नेशनल पेंशन सिस्टम को 2004 में अटल बिहारी वाजपेई सरकार में लाया गया था और 2009 में कांग्रेस सरकार ने इस प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए भी खोल दिया था |
एनपीएस लाने का मकसद पुरानी पेंशन योजना ओ पी एस जिससे सरकारी खजाने पर काफी भोज पड़ रहा था उसकी जगह लेना था |
एनपीएस का सरकारी कर्मचारी शुरू से ही विरोध कर रहे थे जो अभी तक जारी है |
यूपीएस मतलब यूनिफाइड पेंशन स्कीम जिसे नरेंद्र मोदी सरकार लाई है या काफी हद तक ओल्ड पेंशन स्कीम की तरह ही है | इसमें कर्मचारियों को निश्चित और न्यूनतम पेंशन के गारंटी मिलेगी अगर किसी के रिटायरमेंट तक उसकी सेवा और 25 साल हो जाती है तो उसे रिटायरमेंट के पहले 12 महीनो के बेसिक सैलरी का औसत निकाल कर उसका 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिलेगा |
मतलब यदि किसी की बेसिक सैलरी का औसत 60 हजार रुपए आता है तो उसे 30 हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन मिलेगी |
यदि किसी की सेवा अवधि कम है तो उसे उसे हिसाब से पेंशन मिलेगी |
परंतु पेंशन की अर्हता के लिए कम से कम 10 वर्ष की सर्विस अनिवार्य होगी |
यूपीएस और एनपीएस के बीच का मुख्य अंतर क्या है लिए उसके बारे में जानते हैं..
👉 यूपीएस के तहत कर्मचारियों को एक निश्चित पेंशन मिलेगी वही एनपीएस की रकम बाजार के रिटर्न पर आधारित होगी जो काम या ज्यादा हो सकती है..
👉 यूपीएस और एनपीएस दोनों में कर्मचारियों को अपने वेतन का 10 प्रतिशत योगदान देना लेकिन सरकार अपना योगदान यूपीएस में पढ़कर 18.5 प्रतिशत करेगी जो एनपीएस में 14 प्रतिशत है…
👉 यूपीएस के तहत कर्मचारियों को रिटायर होने के बाद फिक्स पेंशन और एक मुश्त कम मिलेगी और पेंशन में महंगाई के हिसाब से बढ़ोतरी भी होगी वही एनपीएस में कर्मचारियों को नाम मात्र की पेंशन मिल रही थी और वह भी निश्चित रकम नहीं थी..
👉 यूपीएस मैं पारिवारिक पेंशन और न्यूनतम पेंशन की गारंटी है.
👉 10 साल की सर्विस के बाद यूपीएस में न्यूनतम पेंशन की गारंटी है जबकि एनपीएस में ऐसा कोई प्रावधान नहीं था…
👉 एनपीएस के कंट्रीब्यूशन को बाजार में निवेश किया जाता है ऐसे में पेंशन भी बाजार के हिसाब से कम या ज्यादा हो सकती थी जबकि यूपीएस में बाजार पर से निर्भरता खत्म कर दिया गया है जिससे कर्मचारियों को अधिक स्थिरता मिलती है…
👉 यूपीएस कर्मचारियों को उनके रिटायरमेंट होने के 12 महीना के अंदर मिल रही बेसिक सैलरी के औसत का 50 प्रतिशत पेंशन मिलेगी.. जो निश्चित है.. जबकि एनपीएस में पेंशन की राशि हर महीने निश्चित नहीं थी वह काम या ज्यादा हो सकती है.




