हिंदू नाम,भारतीय पासपोर्ट,सालों से यहां रहकर क्या कर रहे थे पाकिस्तानी

*जी. पी. दुबे*

विदेशियों द्वारा भारत में घुसकर और यहां के कमजोर कानून व्यवस्था तथा रिश्वतखोरी के चलते वह ना केवल पहचान पत्र बनवा लेते हैं और उस पहचान पत्र के आधार पर पासपोर्ट भी बनवा लेते हैं और उसके बाद यहां के नागरिक बन कर गैर कानूनी काम तथा जासूसी को अंजाम देते हैं, ऐसा ही एक मामला बेंगलुरु से सामने आया है |

हिंदू नाम भारतीय पासपोर्ट आखिर क्या कर रहे थे यह पाकिस्तानी

बेंगलुरु 1 अक्टूबर 24.
राशिद अली सिद्दीकी, आयशा, हनीफ मोहम्मद और रुबीना पाकिस्तान से भारत आते हैं और फिर खुद को हिंदू बताने लगते हैं |

बात यहां तक ही सीमित नहीं रह गई कुछ समय बाद इन चारों ने फर्जी पहचान बनवाकर ना सिर्फ भारतीय पासपोर्ट बनवा लिया, बल्कि धर्म प्रचार का काम भी करने लगे थे |

जिगनी पुलिस ने सोमवार को एक ऑपरेशन में सभी को गिरफ्तार किया है |

प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले 6 सालों से कथित तौर पर ये लोग फर्जी पहचान के साथ बेंगलुरु के बाहरी इलाके में रह रहे थे |
यह गिरफ्तारी एनआईए द्वारा असम उल्फा आईईडी मामले में एक फरार आरोपी को गिरफ्तार करने के ठीक बाद हुई है, जो सुरक्षा गार्ड के रूप में जिगनी में छिपा हुआ था |

एक अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए चार लोगों में दो महिलाएं भी शामिल हैं | चारों पाकिस्तान के कराची और लाहौर के रहने वाले हैं |

अधिकारी ने कहा, “चारों पाकिस्तानी नागरिकों ने फर्जी पहचान बताकर भारतीय पासपोर्ट बनवा लिया था और यहां धर्म प्रचार में शामिल हो गए थे. सभी आरोपियों ने खुद को हिंदू बताया था.” पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान पाकिस्तान के कराची निवासी राशिद अली सिद्दीकी उर्फ ​​शंकर शर्मा, पाकिस्तान के लाहौर निवासी आयशा उर्फ ​​आशा रानी, ​​लाहौर निवासी हनीफ मोहम्मद उर्फ ​​रामबाबू शर्मा और लाहौर निवासी रुबीना उर्फ ​​रानी शर्मा के रूप में हुई है |

बेंगलुरु पुलिस ने सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां कोर्ट ने उन्हें 10 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया. इसके साथ ही पुलिस ने आरोपियों के अन्य साथियों की तलाश शुरू कर दी है | पाकिस्तानी नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद खुफिया ब्यूरो के अधिकारियों ने जिगनी थाने का दौरा किया और आरोपियों के बारे में जानकारी हासिल की |
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज किया है, साथ ही उन पर पासपोर्ट अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया है |

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