30 वर्षों में नहीं देखा ऐसा बारिश ; घरों में घुसा पानी मच गया हाहाकार

Gyan Prakash Dubey

पुडुचेरी और तमिलनाडु में चक्रवाती तूफान ‘फेंजल’ का कहर, सेना ने संभाला मोर्चा

पुडुचेरी/चेन्नई/विल्लुपुरम: चक्रवाती तूफान फेंजल ने दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचाई है। तेज हवा और मूसलाधार बारिश ने पुडुचेरी और तमिलनाडु के कई जिलों को बुरी तरह प्रभावित किया है। शनिवार देर रात से ही इन क्षेत्रों में जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया।

पुडुचेरी में 30 सालों की सबसे भीषण बारिश

पुडुचेरी में चक्रवात के चलते 46 सेंटीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने पिछले 30 वर्षों में इतनी तेज और घातक बारिश नहीं देखी। घर, बाजार, और सड़कें सब पानी में डूब गए हैं। हालात इतने गंभीर हैं कि आर्मी के जवान बोट लेकर राहत कार्यों में जुटे हैं।

शनिवार रात 11 बजे से पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप है। निचले इलाकों में पानी भरने के कारण सैकड़ों लोग अपने घरों में कैद हो गए हैं। सड़कों पर खड़ी गाड़ियां पानी में डूब गई हैं, जिससे आवाजाही बाधित हो गई है।

तमिलनाडु के विल्लुपुरम में 49 सेंटीमीटर बारिश

तमिलनाडु का तटीय जिला विल्लुपुरम चक्रवात से सबसे अधिक प्रभावित हुआ। यहां 49 सेंटीमीटर बारिश हुई, जिसे राज्य के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने ‘अप्रत्याशित’ बताया। उन्होंने राहत कार्यों की निगरानी के लिए कैबिनेट मंत्री को विल्लुपुरम भेजा है। NDRF और SDRF की 12 टीमों को राहत और बचाव कार्यों में लगाया गया है। प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में स्थानांतरित किया जा रहा है।

हवाई सेवाएं बाधित, बाजार बंद

चक्रवात की वजह से चेन्नई एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही प्रभावित हुई। कई उड़ानें रद्द कर दी गईं और कुछ के समय में बदलाव किया गया। रविवार से एयरपोर्ट पर सेवाएं सामान्य हुईं, लेकिन बाजार अब भी बंद हैं।

IMD का अपडेट: चक्रवात कमजोर हुआ

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अपने ताजा अपडेट में बताया कि फेंजल अब कमजोर होकर डीप डिप्रेशन में तब्दील हो चुका है। बारिश की तीव्रता भी कम हो रही है, जिससे राहत कार्यों में तेजी आने की संभावना है।

प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी
राहत कार्यों में NDRF, SDRF, और आर्मी की टीमें जुटी हुई हैं। निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। सरकार और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घरों में रहें और जरूरी मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर का इस्तेमाल करें।

स्थिति पर नजर
फिलहाल चक्रवात कमजोर हो रहा है, लेकिन प्रभावित इलाकों में स्थिति सामान्य होने में समय लग सकता है। सरकार और प्रशासन मिलकर जनजीवन को पटरी पर लाने का प्रयास कर रहे हैं।

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