

जी.पी. दुबे
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भाजपा विधायक हरीश शाक्य समेत 16 लोगों पर गंभीर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का आदेश
बदायूं, 13 दिसंबर 2024।
बिल्सी से भाजपा विधायक हरीश शाक्य समेत 16 लोगों पर 16 करोड़ रुपये की जमीन हड़पने, मारपीट, फर्जी मुकदमे दर्ज कराने और दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोपों के मामले में बदायूं की अदालत ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। पीड़ित युवक और उसके परिवार ने विधायक, उनके भाइयों और गुर्गों पर संगठित अपराध और साजिश के तहत जान-माल का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है।
जमीन सौदे से उपजा विवाद:
सिविल लाइंस निवासी युवक के अनुसार, शहर के पास 20 बीघा से अधिक की जमीन पर 2022 में बिल्सी के विधायक हरीश शाक्य की नजर पड़ी। प्लाटिंग के लिए यह जमीन 80 लाख रुपये प्रति बीघा के हिसाब से खरीदने का सौदा तय हुआ। विधायक ने एक लाख रुपये बयाना दिया, लेकिन 40% रकम समय पर न देने से विवाद शुरू हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोप है कि विवाद के दौरान विधायक के भाइयों और गुर्गों ने पीड़ित के चचेरे भाई से गाली-गलौज की। जब उसने इसका विरोध किया तो विधायक ने पुलिस का इस्तेमाल करते हुए उसे हिरासत में पिटवाया। पुलिस की पिटाई और दबाव के चलते चचेरे भाई ने आत्महत्या कर ली। इस घटना को आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या बताते हुए पीड़ित और उसके पिता के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर दिया गया।
फर्जी मुकदमों की साजिश:
आरोप है कि मृतक की पत्नी से भी दबाव में आकर पीड़ित युवक के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया गया। इन मुकदमों से बचने के लिए युवक और उसके परिवार को विधायक को जमीन देने का वादा करना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने दोनों मामलों में फाइनल रिपोर्ट (एफआर) लगाकर उन्हें खत्म कर दिया।
धन उगाही और ब्लैकमेल:
पीड़ित युवक का आरोप है कि विधायक ने मुकदमों में एफआर लगवाने के लिए एक करोड़ रुपये की उगाही की। 11 लाख रुपये नकद और 89 लाख रुपये के दस चेक मृतक के परिवार को देने के बहाने लिए गए। इनमें से केवल 70 लाख रुपये ही मृत युवक की मां को दिए गए, जबकि शेष 30 लाख रुपये विधायक और उनके गुर्गों ने अपने पास रख लिए।
बंदूक के बल पर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर:
आरोप है कि 17 सितंबर 2024 को विधायक के गुर्गों ने पीड़ित युवक की पत्नी और मां को कैंप कार्यालय बुलाया, जहां विधायक हरीश शाक्य, उनके सहयोगी हरीशंकर व्यास और बरेली के आनंद प्रकाश अग्रवाल ने युवक की पत्नी के साथ दुष्कर्म किया। यह भी कहा गया कि घटना का वीडियो बनाकर पीड़ित परिवार को ब्लैकमेल किया गया।
पुलिस की भूमिका पर सवाल:
जब पीड़ित ने अदालत में मामला दायर किया, तो कोर्ट के आदेश पर पुलिस से जांच कराई गई। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में विधायक और उनके भाइयों को जमीन विवाद से कोई लेना-देना न होने का दावा किया। साथ ही महिला द्वारा लगाए गए दुष्कर्म के आरोपों को भी गलत बताया।
अदालत का आदेश:
अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक हरीश शाक्य समेत 16 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। पीड़ित परिवार ने अदालत में ठोस सबूत पेश करते हुए न्याय की गुहार लगाई है। अब यह मामला कानूनी प्रक्रिया के तहत विचाराधीन है।

