कौन है वह लव गुरु :, जिसे कोर्ट ने आखिरी सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई

‘लव गुरु’ टीचर को आखिरी सांस तक जेल, छात्राओं के यौन शोषण और धोखाधड़ी का दोषी

गांधीनगर, 12 फरवरी 2025 – गुजरात में सीबीआई की एक विशेष अदालत ने मंगलवार को 52 वर्षीय टीचर धवल त्रिवेदी को यौन शोषण, बलात्कार और धोखाधड़ी के गंभीर अपराधों का दोषी मानते हुए अंतिम सांस तक जेल में रखने की सजा सुनाई है। अदालत ने अपने फैसले में कहा, “एक शिकारी की तरह उसने मासूम छात्राओं को फुसलाया, झूठ और धोखे का जाल बुना और गुरु-शिष्य के रिश्ते को शर्मसार किया।”

छात्राओं को बहला-फुसलाकर किया यौन शोषण

धवल त्रिवेदी ने अपने ट्यूशन सेंटर में पढ़ने वाली छात्राओं को अपने जाल में फंसाया और शादी का झांसा देकर उनके साथ संबंध बनाए। मामला तब उजागर हुआ जब 2018 में उसने एक नाबालिग छात्रा को नई दिल्ली ले जाकर उसका यौन शोषण किया। इसके बाद पीड़िता 2020 में किसी तरह अपने घर लौट पाई और उसने सीबीआई को बताया कि त्रिवेदी उसे भारत और नेपाल के अलग-अलग इलाकों में लेकर गया और उसने कई फर्जी नामों का इस्तेमाल किया।

पहले भी नाबालिग छात्राओं को भगाने का था दोषी

इससे पहले भी त्रिवेदी, राजकोट जिले के पदधारी से दो नाबालिग छात्राओं को भगाने और उनके साथ दुष्कर्म करने के मामले में आजीवन कारावास की सजा पा चुका था। लेकिन पैरोल पर रिहा होने के बाद वह फरार हो गया और एक नया नाम अपनाकर फिर से लड़कियों को बहलाने लगा।

सीबीआई की जांच में चौंकाने वाले खुलासे

सीबीआई ने हिमाचल प्रदेश के बद्दी से धवल त्रिवेदी को गिरफ्तार किया और अपहरण, बलात्कार व धोखाधड़ी के आरोपों में मुकदमा चलाया। इस मामले में 30 गवाहों की गवाही और 69 दस्तावेजी सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।

मृत्युदंड की मांग, लेकिन उम्रकैद की सजा

अभियोजन पक्ष ने धवल त्रिवेदी के लिए मृत्युदंड की मांग की, लेकिन अदालत ने उसे आखिरी सांस तक जेल में रहने की सजा दी ताकि उसे कभी छूट न मिल सके। अदालत ने कहा, “जिसे ज्ञान देने का जिम्मा सौंपा गया था, उसने छात्राओं की मासूमियत का फायदा उठाया। आरोपी कोई नौसिखिया नहीं था, बल्कि पहले भी ऐसे अपराध कर चुका था, इसलिए उसे किसी भी तरह की राहत देना न्यायसंगत नहीं होगा।”

पीड़िता के सम्मान की रक्षा

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पीड़िता की पहचान उजागर नहीं की गई है। अदालत के इस फैसले को न्याय की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में ऐसे मामलों में सख्त सजा का संदेश जाएगा।

NGV PRAKASH NEWS

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