मड़वा नगर सेक्स रैकेट मामले में बड़े खुलासे की तैयारी में पुलिस


बस्ती: स्कैनर और सीसीटीवी से खुलेगा देह व्यापार के ‘गुप्त राज़’, चौंकाने वाले खुलासे की तैयारी!

बस्ती। मड़वानगर टोल प्लाजा के पास एक मकान में संचालित हो रहे हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का मामला अब पूरी तरह से उजागर होने की ओर बढ़ रहा है। ताज़ा जानकारी के अनुसार, इस गोरखधंधे से जुड़ी लग्ज़री गाड़ियाँ मकान से कुछ दूरी पर खड़ी की जाती थीं—करीब 150 मीटर दूर—ताकि पहचान उजागर न हो सके। इसके बाद ग्राहक पैदल ही पहुंचते थे। दिलचस्प बात यह है कि मकान के बड़े गेट का पूरा खुलना “ऑल क्लियर” का संकेत होता था, जबकि आधा खुला दरवाज़ा “इंतज़ार” का इशारा देता था।

सीसीटीवी फुटेज में कई महंगी गाड़ियाँ कैद हुई हैं, जिनकी जांच अब पुलिस कर रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि अब रैकेट से जुड़े हर पहलू को खंगाला जा रहा है। जांच में कुछ तथाकथित पत्रकारों और सफेदपोशों के नाम भी सामने आए हैं। सीडीआर के ज़रिए इनके कॉल डिटेल्स खंगाले जा रहे हैं।

तीन महीने पहले बच निकले थे आरोपी

गौरतलब है कि करीब तीन माह पहले भी यहां रेड पड़ी थी, लेकिन उस वक्त सभी आरोपी और ग्राहक समय रहते फरार हो गए थे। इससे यह अंदेशा और गहराता है कि इस गोरखधंधे को कहीं न कहीं पुलिस संरक्षण प्राप्त था। हाल की रेड में स्थिति अलग रही। इस बार एसपी ने खुद पूरी कार्रवाई की निगरानी की, जिसमें लोकल पुलिस को कोई भनक तक नहीं लगी। रेड की ज़िम्मेदारी एसओजी को दी गई थी, और नतीजे में 9 महिलाएं और 6 पुरुष मौके से दबोच लिए गए।

ऑनलाइन नेटवर्क और बैंक खातों की जांच

सीओ सत्येन्द्र भूषण तिवारी के अनुसार, इस रैकेट में दो पत्रकार और तीन पुलिसकर्मी भी संलिप्त पाए गए हैं। यह कारोबार केवल ऑफलाइन ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन माध्यमों से भी संचालित किया जा रहा था। एक स्कैनर और पांच बैंक खातों की जानकारी हाथ लगी है, जिनकी डिटेल्स बारीकी से जांची जा रही हैं। कोतवाली पुलिस ने पूरी रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी है।

अंतरराष्ट्रीय लिंक की भी जांच

सूत्रों का दावा है कि इस नेटवर्क के तार देश के बाहर तक फैले हो सकते हैं। तीन देशों से जुड़ाव की बात सामने आई है, हालांकि इसकी पुष्टि होना अभी बाकी है। जांच एजेंसियां इस दिशा में भी काम कर रही हैं।

गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई, संपत्ति होगी जब्त

सीओ सिटी सत्येन्द्र भूषण तिवारी ने बताया कि मुख्य संचालकों के विरुद्ध गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, इनकी संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। मड़वानगर में स्थित दो मंजिला इमारत, जो इस रैकेट का अड्डा थी, को सील करने के लिए उपजिलाधिकारी को पत्र भेजा गया है।

गिरफ्तार आरोपियों में ये नाम शामिल

मुख्य आरोपी शिवमूरत चौधरी (निवासी रानीपुर), उसका साथी अम्बुज पटेल (जनपद संतकबीरनगर), रिसेप्शन डेस्क संभालने वाला राजू यादव (दुबखरा), रामकरन (कोठवा भरतपुर), हिमेश त्रिपाठी (मनैतापुर), और महिला सदस्य रेनू (भूअर निरंजनपुर) सभी को हिरासत में लिया गया है। इनके खिलाफ अब गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

होटलों और स्पा सेंटरों पर भी निगाह

पुलिस अब संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होटलों, रेस्टोरेंट और स्पा सेंटर्स की भी जांच कर रही है। यदि इन पर देह व्यापार से जुड़ी गतिविधियाँ पाई गईं तो एफआईआर दर्ज कर उन्हें सील किया जाएगा।

अब सवाल उठता है — इतनी बड़ी साजिश कैसे चली बिना पुलिस की जानकारी के?

बस्ती शहर में करीब एक दर्जन से अधिक स्थानों पर देह व्यापार के सक्रिय होने की खबरें हैं। कोतवाली क्षेत्र में खुलेआम जुए का कारोबार भी चल रहा है। लोग लाखों हार चुके हैं, फिर भी कार्रवाई तभी होती है जब कोई बड़ी घटना हो जाए। अब देखना यह है कि इस मामले में पुलिस अपनी साख कैसे बचा पाती है।

NGV PRAKASH NEWS


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