
“भारत-पाक युद्ध विराम: शहबाज शरीफ ने जताई चिंता, चीन की भूमिका पर उठे सवाल”
भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया सैन्य तनाव के बाद, दोनों देशों ने अमेरिका, सऊदी अरब और तुर्की की मध्यस्थता से पूर्ण युद्धविराम पर सहमति जताई है। यह निर्णय 10 मई 2025 को लिया गया, जिससे चार दिनों से जारी संघर्ष पर विराम लगा।
इस संघर्ष की शुरुआत 22 अप्रैल को भारतीय कश्मीर में हुए एक आतंकवादी हमले से हुई, जिसमें 26 पर्यटक मारे गए। भारत ने इसके जवाब में पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिसके परिणामस्वरूप पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई की।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश के पास मिसाइल और अन्य युद्धक उपकरणों की कमी हो रही है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि तुर्की को छोड़कर कोई भी देश पाकिस्तान का समर्थन नहीं कर रहा है, यहां तक कि चीन ने भी सहायता से इनकार कर दिया है। इस कारण अगले कुछ दिनों में भारत पाकिस्तान पर कर सकता है कब्जा |
हालांकि, चीन ने पाकिस्तान को आर्थिक सहायता प्रदान की है, जैसे कि मार्च 2025 में $2 बिलियन का ऋण रोलओवर, लेकिन सैन्य समर्थन के मामले में चीन की भूमिका स्पष्ट नहीं है।
इस युद्धविराम के बावजूद, दोनों देशों की सेनाएं सतर्क हैं, और भविष्य में किसी भी संभावित संघर्ष के लिए तैयार हैं। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने इस युद्धविराम का स्वागत किया है और दोनों देशों से दीर्घकालिक शांति के लिए बातचीत जारी रखने का आग्रह किया है।
👉भारत और पाकिस्तान के बीच यह युद्धविराम एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन स्थायी शांति के लिए दोनों देशों को आपसी विश्वास और संवाद को बढ़ावा देना होगा। चीन की भूमिका पर उठे सवालों के बीच, पाकिस्तान को अपनी कूटनीतिक रणनीति पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है।
👉 सोशल मीडिया X पर पोस्ट एक वीडियो के अनुसार..
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