
सेना के सम्मान पर दाग: फर्ज निभाने निकले जवानों से TTE ने वसूली की रिश्वत, रेलवे ने दिखाई सख्ती
रिपोर्ट: NGV PRAKASH NEWS
नई दिल्ली – देश जब सरहद पर दुश्मनों से लोहा लेने को तैयार है, तब एक शर्मनाक घटना ने देश की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच जब देश के जवान छुट्टियाँ छोड़कर ड्यूटी पर लौट रहे हैं, तभी रेलवे के एक टीटीई ने कर्तव्य की राह पर निकले फौजियों से रिश्वत लेकर न सिर्फ अपना नैतिक पतन दिखाया, बल्कि पूरे सिस्टम को कटघरे में ला खड़ा किया।
घटना मालवा एक्सप्रेस की है, जब ग्वालियर से जम्मू जा रहे सूबेदार विनोद कुमार दुबे, अग्निवीर जहीर खान और एक अन्य साथी फौजी ने जनरल टिकट लेकर सफर शुरू किया। सीट न मिलने के कारण ये देश के वीर रिजर्व कोच में जा बैठे। लेकिन 9 मई को सुबह जब ट्रेन सोनीपत और पानीपत के बीच थी, तभी टीटीई दिलजीत सिंह ने आकर टिकट चेक की और जवानों से बहस करने के बाद अग्निवीर से 150 रुपये जबरन वसूल लिए, बिना कोई वैध टिकट दिए।
देश के ये रक्षक बेइज्जत होकर जनरल कोच में पीछे भेज दिए गए। लेकिन चुप नहीं बैठे। उन्होंने पूरी घटना का वीडियो बनाकर रेल मंत्रालय को ट्वीट कर कार्रवाई की माँग की, जिस पर तत्परता दिखाते हुए रेलवे ने लुधियाना डिवीजन के TTI दिलजीत सिंह को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही फैक्ट फाइंडिंग इन्क्वायरी भी शुरू कर दी गई है। रेलवे ने कहा कि दोषी पाए जाने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जब सीमा पर तनाव चरम पर है, और सैनिक अपने प्राणों की परवाह किए बिना देश की रक्षा के लिए निकल रहे हैं, तब इस तरह की घटनाएं देशभक्ति के जज्बे को ठेस पहुंचाती हैं। जवानों से रिश्वत लेना सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, राष्ट्र के आत्मसम्मान के साथ खिलवाड़ है।
सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ एक टीटीई की हरकत है या सिस्टम में कहीं और भी ऐसी गंदगी छिपी बैठी है? जवानों को इज्जत देना सिर्फ भाषणों से नहीं, व्यवहार में उतरना चाहिए।
NGV PRAKASH NEWS इस पूरे मामले पर सख्त निगरानी रखेगा और पूछता रहेगा —
“क्या देश के जवान सिर्फ सीमा पर लड़ने के लिए ही होते हैं, या देश के भीतर भी उन्हें सम्मान मिलना चाहिए?”

