
भानु प्रताप सिंह की अगुवाई में चला ‘ऑपरेशन जहरबंदी’: परसरामपुर में कच्ची शराब माफिया धरा गया
बस्ती, 14 मई 2025 | संवाददाता – Gyan Prakash Dubey
NGV PRAKASH NEWS
हर गांव को एक सच्चे प्रहरी की जरूरत होती है—जो न सिर्फ कानून की वर्दी पहनता है, बल्कि लोगों के दिलों में भरोसे की एक मजबूत दीवार भी खड़ी करता है। थाना अध्यक्ष परसरामपुर भानु प्रताप सिंह आज उसी विश्वास के प्रतीक बनकर सामने आए हैं।
14 मई की सुबह जैसे ही परसरामपुर पुलिस और आबकारी विभाग की टीम सिकंदरपुर गांव की गलियों में दाखिल हुई, एक बड़ा ऑपरेशन अंजाम के करीब था। गांव के काली माँ मंदिर के पास, जहां श्रद्धा का माहौल होना चाहिए, वहीं श्रवण कुमार नामक व्यक्ति चुपचाप ज़हर उबाल रहा था—कच्ची शराब के रूप में।
55 लीटर अपमिश्रित कच्ची शराब, यूरिया, नौशादर, गैस सिलेंडर, चूल्हा और नलकी वाली पतेली… सब कुछ जैसे इंसानियत के खिलाफ खड़ा एक छोटा कारखाना हो। लेकिन इस गंदगी को साफ करने की शुरुआत वहीं से हुई, जहां थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह जैसे अफसर खड़े होते हैं—कड़े इरादों और जनहित की भावना से।
इस कार्रवाई का नेतृत्व स्वयं भानु प्रताप सिंह ने किया। न केवल सूचनाएं जुटाईं, बल्कि आबकारी निरीक्षक अंगद कुमार गौड़ व अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर सटीक रणनीति बनाई और उसे अंजाम तक पहुंचाया। उन्होंने न केवल श्रवण कुमार को मौके से गिरफ्तार कराया, बल्कि बरामद माल को सुरक्षित कब्जे में लेकर मुकदमा संख्या 133/25 अंतर्गत धारा 60(2), 63 आबकारी अधिनियम एवं धारा 274 BNS में कार्यवाही पूरी कर आरोपी को जेल भिजवाया।
इस ऑपरेशन में शामिल रहे:
आबकारी निरीक्षक अंगद कुमार गौड़
उ0नि0 झारखण्डेय पाण्डेय
हे0का राघवेन्द्र दूबे
का0 राहुल कन्नौजिया
प्रधान आबकारी सिपाही रामवृक्ष
आबकारी सिपाही दिव्याशु पाण्डेय
आबकारी सिपाही महेश सिंह
पर यह बात समझने की है कि जब नेतृत्व मजबूत हो, तो टीम अपने आप सशक्त हो जाती है। भानु प्रताप सिंह जैसे थानाध्यक्ष की मौजूदगी न सिर्फ कानून व्यवस्था को दृढ़ बनाती है, बल्कि जनता को भी यह एहसास कराती है कि पुलिस सिर्फ डंडा नहीं, बल्कि समाज की ढाल है।
आज परसरामपुर को गर्व है कि उसके पास भानु प्रताप सिंह जैसे प्रहरी हैं। और हमें गर्व है कि हम इस सच्ची रिपोर्टिंग के ज़रिए उनके कार्यों को सामने ला पा रहे हैं।
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