भीषण सड़क हादसे में 7 की हुई दर्दनाक मौत : ऑटो के उड़े परखच्चे..

सड़क हादसे में सात की मौत, मां-बेटे समेत उजड़ गए कई परिवार: तेज रफ्तार ट्रक ने ओवरलोड ऑटो को कुचला

हरदोई | 16 मई 2025 | — NGV PRAKASH NEWS

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में गुरुवार सुबह का सूरज कई परिवारों के लिए अंधेरे का पैगाम लेकर आया। संडीला-बांगरमऊ मार्ग पर तेज रफ्तार ट्रक ने एक ओवरलोड ऑटो को भीषण टक्कर मार दी, जिसमें मां-बेटे समेत सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे में कुछ परिवारों की पूरी रीढ़ टूट गई, कुछ बच्चों के सिर से माता-पिता दोनों का साया उठ गया।

ट्रक ने ऑटो को रौंदा, चीख-पुकार से कांप उठा हरदलमऊ क्षेत्र

घटना गुरुवार सुबह करीब साढ़े छह बजे हरदलमऊ के पास की है। बांगरमऊ से संडीला की ओर जा रहे एक ओवरलोड ऑटो में कुल नौ लोग सवार थे। तभी सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने ऑटो को जबरदस्त टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए और सात यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। दो घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ट्रक चालक राजेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

मुंबई से आया मजदूर और उसके बच्चे, अब अनाथ

कछौना कोतवाली क्षेत्र के बनवा गांव निवासी निसार (35) राजमिस्त्री का काम करते थे। काम न मिलने के चलते वह 12 दिन पहले मुंबई चले गए थे, लेकिन तीन दिन पहले भाभी की तबीयत बिगड़ने पर वह लौट आए। गुरुवार सुबह उन्नाव रेलवे स्टेशन से ऑटो पकड़कर वह संडीला जा रहे थे, लेकिन इस हादसे ने उन्हें हमेशा के लिए उनकी मंजिल से पहले ही रोक दिया। निसार की पत्नी की मौत पहले ही हो चुकी थी। अब उनके दो मासूम बच्चे — जावेद (12) और शुबी (14) — पूरी तरह अनाथ हो गए हैं।

सास की तबीयत देखने जा रहा सिराज, पत्नी और बेटे को खो बैठा

उन्नाव के बेहटा मुजावर गांव निवासी सिराज (30) अपनी पत्नी फूलजहां (28) और बेटे अयाज (3) के साथ सास सईदुन के ऑपरेशन के बाद हालचाल जानने बेगमगंज जा रहे थे। लेकिन बांगरमऊ से संडीला के बीच इस भीषण हादसे में फूलजहां और तीन वर्षीय अयाज की जान चली गई। सिराज खुद गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। एक ही पल में उनका पूरा परिवार उजड़ गया।

बहन की शादी में आया युवक पंजाब से लौटा, अब लौट नहीं पाएगा

कछौना के बहदिन गांव निवासी अंकित (20) पंजाब के लुधियाना में धागा फैक्टरी में काम करता था। वह अपनी बहन रोहिणी की शादी के लिए गांव आया था। बुधवार को मामा के घर बेहंदर गया था, और गुरुवार को वापस लौटते वक्त ऑटो में सवार हुआ। लेकिन यह सफर उसकी ज़िंदगी का आखिरी सफर साबित हुआ। उसकी मां शिवदेवी अपने बेटे का शव देख बेसुध हो गईं।

काम की तलाश में निकला अरविंद, घर वालों पर टूटा दुख का पहाड़

कासिमपुर के मलहनखेड़ा गांव निवासी अरविंद (19) लखनऊ में काम की तलाश में जा रहा था। चार भाई-बहनों में दूसरे नंबर का अरविंद पिता नंदराम और मां शीला देवी का सहारा था। संडीला से बस पकड़नी थी, लेकिन रास्ते में हुई दुर्घटना ने उनके सपनों को भी वहीं कुचल दिया। बेटे की मौत की सूचना से घर में कोहराम मच गया।

ऑटो चालक रंजीत की भी मौत, परिवार के चूल्हे की आग बुझ गई

औरामऊ गांव निवासी रंजीत ऑटो चलाकर परिवार का पेट पालता था। रोज की तरह गुरुवार को भी वह बांगरमऊ सवारियां लेने गया था, लेकिन वापसी में दुर्घटना का शिकार हो गया। पत्नी प्रीती, बेटियां प्रिया और रिया तथा बेटा हर्ष अब बेसहारा हो गए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया दुख

इस हृदयविदारक दुर्घटना पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को यथासंभव सहायता देने का आश्वासन दिया और जिला प्रशासन को राहत और चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।



हरदोई की यह सड़क दुर्घटना केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि सात परिवारों की जिंदगियों को तहस-नहस कर गई है। यह हादसा न केवल ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन, ओवरलोडिंग और लापरवाही का परिणाम है, बल्कि एक चेतावनी भी है कि यदि व्यवस्था और जागरूकता में सुधार नहीं हुआ, तो ऐसी त्रासदियां बार-बार दोहराई जाएंगी।

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