दरोगा की बहन को चाकू से गोदा, मुंह में गैस पाइप डालकर लगा दिया आग..

पटना में दरिंदगी की हदें पार: बचपन के प्यार ने कैंची से गोदकर गर्लफ्रेंड को मार डाला, मुंह में गैस पाइप ठूंसकर लगाई आग
— NGV PRAKASH NEWS विशेष रिपोर्ट

पटना, 17 मई 2025
बिहार की राजधानी पटना से एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ पूरे शहर को हिला दिया बल्कि समाज को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर प्यार की आड़ में किसी की रूह इतनी बेरहम कैसे हो सकती है? एक ट्रेनी दरोगा की बहन संजना की हत्या उसके बचपन के प्रेमी सूरज ने इतनी हैवानियत से की कि पूरा पुलिस महकमा भी सिहर उठा।

बचपन का प्यार बना जानलेवा जुनून

संजना और सूरज की कहानी कोई फिल्मी प्रेमकथा जैसी लगती थी। दोनों की मुलाकात क्लास 6 में हुई थी, और वहीं से उनका रिश्ता परवान चढ़ा। लेकिन वक्त के साथ रिश्ते की डोर खिंचती गई। सूरज ने मार्च 2025 में किसी और से शादी कर ली, जबकि संजना की शादी तय हो जाने की खबर ने उसे अंदर तक झकझोर दिया। ये बात वह बर्दाश्त नहीं कर सका और अपने अंदर पलते जुनूनी प्यार को नफरत और प्रतिशोध में बदल दिया।

प्यार की आड़ में सुनियोजित हत्या

गुरुवार को सूरज मुजफ्फरपुर से पटना आया। उसने संजना को बताया कि वह उससे आखिरी बार मिलना चाहता है। भावनात्मक रूप से कमजोर पड़ चुकी संजना ने उसे अंदर आने दिया। पहले उसने संजना से संबंध बनाए और फिर अचानक उस पर कैंची से वार करना शुरू कर दिया। गले में कैंची घोंपने के बाद उसके पेट और जांघों पर कई बार वार किए। लहूलुहान संजना जान बचाने के लिए किचन की ओर भागी, लेकिन वह बेहोश होकर गिर पड़ी।

हैवानियत की सीमा लांघी: गैस पाइप से मौत की अंतिम पटकथा

जब संजना बेसुध पड़ी थी, तब भी सूरज की दरिंदगी खत्म नहीं हुई। उसने रसोई गैस का पाइप निकालकर संजना के मुंह में ठूंस दिया और रेगुलेटर खोल दिया। गैस भरने के बाद उसने माचिस जलाकर आग लगा दी। संजना का ऊपरी शरीर बुरी तरह झुलस गया, हालांकि ऑक्सीजन की कमी से आग पूरी तरह नहीं फैल सकी, वरना गैस सिलेंडर में धमाका हो सकता था।

वारदात का खुलासा: घरेलू सहायिका बनी चश्मदीद सूत्र

संजना की हत्या का खुलासा तब हुआ जब उसकी घरेलू सहायिका रोज की तरह काम पर पहुंची। बंद लाइट और सन्नाटा देखकर वह पहले लौट गई, लेकिन जब दोबारा आई तो दरवाजा खुला पाकर अंदर गई और नजारा देखकर सन्न रह गई। मकान मालिक और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

12 घंटे में खुला हत्याकांड का राज

पटना पुलिस ने महज 12 घंटे में इस दिल दहला देने वाली हत्या की गुत्थी सुलझा ली। सूरज ने मौके से भागकर अपने खून से सने कपड़े बदले, मुजफ्फरपुर गया, फिर बाइक से वैशाली पहुँचा। पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने अपनी बाइक की चोरी की रिपोर्ट तक दर्ज करवाने की कोशिश की, लेकिन तफ्तीश में उसकी चालाकी धरी रह गई और उसे धर दबोचा गया।

पुलिस की तत्परता, लेकिन समाज की चुप्पी?

इस मामले में पुलिस की सक्रियता सराहनीय रही, लेकिन सवाल यह उठता है कि एक पढ़े-लिखे युवक की मानसिकता इतनी हिंसक कैसे हो सकती है? क्या समाज, परिवार और व्यवस्था समय रहते ऐसे मानसिक विकारों को नहीं पहचान पाते? संजना की मौत ने महिला सुरक्षा, भावनात्मक शोषण और निजी संबंधों में बढ़ती असहिष्णुता जैसे सवालों को फिर से चर्चा में ला दिया है।

निष्कर्ष: ये महज एक हत्या नहीं, एक चेतावनी है

संजना की हत्या एक व्यक्ति की नहीं, समाज की भी हार है। यह घटना हमें चेतावनी देती है कि निजी रिश्तों में अस्वीकार और अलगाव को संभालने की मानसिकता को मजबूत करना होगा। महिलाओं की सुरक्षा सिर्फ कानून से नहीं, सामाजिक जागरूकता और भावनात्मक शिक्षा से भी सुनिश्चित की जा सकती है।

यह रिपोर्ट NGV PRAKASH NEWS के लिए ज्ञान द्वारा तैयार की गई है।
(इस रिपोर्ट में प्रयुक्त सभी घटनाएं पुलिस रिकॉर्ड और जांच से प्राप्त तथ्यों पर आधारित हैं।)


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