“बेटी बचाओ के नारों पर वार: लखीमपुर में मेडिकल छात्रा से वर्दीधारी होमगार्ड ने किया दुष्कर्म, रक्षक बना भक्षक – योगी सरकार की महिला सुरक्षा पर फिर उठे सवाल”

योगी सरकार के दावों को ठेंगा, लखीमपुर खीरी में मेडिकल छात्रा से दुष्कर्म – आरोपी होमगार्ड गिरफ्तार
NGV PRAKASH NEWS | लखीमपुर खीरी | 8 जुलाई 2025

उत्तर प्रदेश सरकार चाहे जितने दावे कर ले, लेकिन महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जमीनी हकीकत आज भी सच्चाई से कोसों दूर है। ताजा मामला लखीमपुर खीरी का है, जहां मेडिकल की पढ़ाई कर रही एक छात्रा के साथ दुष्कर्म की शर्मनाक वारदात सामने आई है। इस मामले में आरोपी कोई आम अपराधी नहीं, बल्कि एक वर्दीधारी होमगार्ड है, जो पीआरवी (पुलिस रिस्पॉन्स व्हीकल) में ड्यूटी कर रहा था।

पूरा मामला जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र का है, जहां रहने वाली एक युवती पैरामेडिकल कोर्स कर रही है। सोमवार को वह कॉलेज से पैदल ही अपने घर लौट रही थी कि रास्ते में नीमगांव थाना क्षेत्र के लखनियापुर गांव निवासी विजय शंकर पांडेय, जो कि एक होमगार्ड है, बाइक से आया और छात्रा को जबरदस्ती बाइक पर बैठाकर सुनसान जगह ले गया। आरोप है कि वहां आरोपी ने उसके साथ बलात्कार किया और फिर बाइक लेकर फरार हो गया।

घटना से सहमी छात्रा किसी तरह घर पहुंची और पूरी आपबीती परिजनों को बताई। इसके बाद परिवार उसे लेकर सदर कोतवाली पहुंचा। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए छात्रा की तहरीर पर तत्काल दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया और कार्रवाई शुरू की। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी होमगार्ड विजय शंकर को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है।

बताया गया है कि आरोपी होमगार्ड वर्तमान में पीआरवी टीम में तैनात था, जिसका मतलब है कि जिस पर आम जनता की सुरक्षा का जिम्मा था, वही महिलाओं की इज्जत को तार-तार कर रहा था। यह घटना केवल एक छात्रा पर अत्याचार नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवालिया निशान है।

सवाल यह भी है कि क्या प्रदेश में वर्दीधारियों पर कोई नियंत्रण बचा है? क्या सरकार की “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसी योजनाएं केवल विज्ञापनों तक सीमित रह गई हैं? योगी सरकार के महिला सुरक्षा को लेकर किए जा रहे वादे और कानून व्यवस्था पर सख्ती के तमाम दावे तब बेमानी लगते हैं जब वर्दी में मौजूद लोग ही दरिंदगी पर उतर आते हैं।

यह मामला न केवल प्रदेश सरकार के दावों को कठघरे में खड़ा करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए केवल योजनाएं और कैमरों से कुछ नहीं होगा। जब तक वर्दी के भीतर छिपे भेड़ियों की पहचान कर उन्हें सजा नहीं दी जाती, तब तक ऐसे जघन्य अपराध रुकने वाले नहीं हैं।

अब देखना यह है कि इस मामले में पुलिस और प्रशासन कितना तेजी से कार्रवाई करता है और आरोपी को कठोरतम सजा दिलाने के लिए कितनी गंभीरता से न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाता है। इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या बेटियों के लिए रास्ता अब भी सुरक्षित है?

– NGV PRAKASH NEWS

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