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प्रतीक यादव से करोड़ों की ठगी, पॉक्सो में फंसाने और वीडियो वायरल करने की धमकी; मामला दर्ज
लखनऊ, 14 जुलाई 2025
उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के छोटे भाई और राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव से करोड़ों की ठगी की गई है। यही नहीं, जब उन्होंने अपना पैसा वापस मांगा तो उन्हें पॉक्सो एक्ट में फंसाने की धमकी दी गई और उन्हें बदनाम करने के लिए एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल कर दी गई।
प्रतीक यादव ने लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में इस पूरे मामले की तहरीर दी है। उन्होंने चिनहट निवासी कृष्णानंद पांडेय, उसकी पत्नी और पिता पर धोखाधड़ी, रंगदारी मांगने और धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुरानी पहचान, भरोसे का फायदा
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रतीक यादव की कृष्णानंद पांडेय से पहली मुलाकात वर्ष 2011-12 में हुई थी। धीरे-धीरे कृष्णानंद ने उनसे विश्वास कायम किया और फिर “रियल एस्टेट” सेक्टर में निवेश कराने के नाम पर करोड़ों रुपये ले लिए। प्रतीक ने बताया कि जब लखनऊ के शहीद पथ क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा था, तब कृष्णानंद ने उन्हें आसपास की ज़मीनों में निवेश का सुझाव दिया।
2015 में दोनों के बीच एक कंपनी बनाई गई, जिसमें कृष्णानंद निदेशक बना और प्रतीक प्रमोटर की भूमिका में शामिल हुए। प्रतीक ने कंपनी में बड़ी राशि का निवेश किया, लेकिन बाद में जब रिटर्न की बात आई तो कृष्णानंद टालमटोल करने लगा।
जबरन वसूली और धमकी
प्रतीक यादव का कहना है कि जब उन्होंने पैसे की वापसी के लिए दबाव बनाया, तो कृष्णानंद ने उन्हें पॉक्सो एक्ट जैसे गंभीर मामले में फंसाने की धमकी दी। साथ ही बदनाम करने के इरादे से एक कथित ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। आरोप है कि कृष्णानंद ने इस मामले को शांत करने के बदले चार करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपी ने धमकी दी कि अगर रकम नहीं दी गई तो वह फर्जी वीडियो और आरोपों से प्रतीक यादव की छवि खराब कर देगा। यह मामला अब केवल आर्थिक अपराध तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें मानसिक उत्पीड़न, सामाजिक बदनामी और ब्लैकमेलिंग का पहलू भी जुड़ गया है।
पुलिस की जांच जारी
गौतमपल्ली पुलिस ने IPC की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी के अनुसार, सभी आरोपों की गहनता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों से पूछताछ की जाएगी।
यह मामला प्रदेश में राजनीतिक प्रभावशाली परिवारों को निशाना बनाकर की जा रही हाई प्रोफाइल ठगी और ब्लैकमेलिंग के एक गंभीर उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। प्रतीक यादव ने पुलिस से सुरक्षा की भी मांग की है और न्याय की उम्मीद जताई है।
NGV PRAKASH NEWS
