बिना दो स्वतंत्र गवाहों के पुलिस नहीं कर सकेगी गिरफ्तारी और तलाशी – डीजीपी

उत्तर प्रदेश में गिरफ्तारी और तलाशी के नए नियम लागू, पुलिस अब CBI-ED की तर्ज पर करेगी काम

लखनऊ,
05 अगस्त 2025

उत्तर प्रदेश में पुलिसिंग के तौर-तरीके अब और ज्यादा पारदर्शी और जवाबदेह बनने जा रहे हैं। राज्य के नए डीजीपी राजीव कृष्ण ने सोमवार को गिरफ्तारी और तलाशी की प्रक्रिया को लेकर 16 बिंदुओं पर आधारित नई गाइडलाइन जारी की है। इस आदेश को सभी जिला पुलिस कप्तानों तक भेजा गया है और इसके सख्त अनुपालन के निर्देश दिए गए हैं।

दो गवाह अनिवार्य, विस्तृत रिपोर्ट होगी तैयार

नई व्यवस्था के तहत अब पुलिस CBI और ED की तरह काम करेगी। हर गिरफ्तारी और तलाशी के लिए दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी अनिवार्य होगी। इसके अलावा, हर गिरफ्तारी पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी होगी, जिसमें शामिल होंगे:

  • गिरफ्तारी या तलाशी का स्थान और समय
  • गिरफ्तारी का कारण और आरोपी का बयान
  • बरामद सामान का विवरण
  • मेडिकल जांच की स्थिति
  • मौके पर मौजूद दो गवाहों के हस्ताक्षर

नामित अधिकारी और डिजिटल रिकॉर्डिंग

डीजीपी के आदेश के मुताबिक, गिरफ्तारी या तलाशी केवल सब-इंस्पेक्टर या उससे ऊपर के अधिकारी द्वारा ही की जाएगी। इसके लिए हर जिले में नोडल अधिकारी की तैनाती होगी, जो पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा।
अब गिरफ्तारी और तलाशी की पूरी रिपोर्ट IIF‑III फॉर्म (Form‑6) पर बनेगी और इसे CC-TNS डिजिटल सिस्टम में तुरंत अपलोड करना होगा।

कानून और मानवाधिकारों पर जोर

डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि यह नई व्यवस्था BNSS 2023 और CrPC की धाराओं 47, 48, 50 और 50A के प्रावधानों के अनुरूप है। इसका उद्देश्य है:

  • निरपराध लोगों की सुरक्षा
  • पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित करना
  • गिरफ्तारी की सूचना परिवार तक समय पर पहुंचाना

इस आदेश के लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश में पुलिसिंग और अधिक मानवीय, कानूनसम्मत और आधुनिक होगी।

NGV PRAKASH NEWS

👉 अब देखना यह है कि अपनी कारगुजारी के लिए मशहूर उत्तर प्रदेश पुलिस डीजीपी के इस आदेश का पालन करती है यह अपने पुराने रवैया पर ही चलती रहेगी..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *