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लखनऊ में फर्जी IAS अधिकारी गिरफ्तार, लग्जरी गाड़ियों और फर्जी आईडी से करता था ठगी
लखनऊ, 04 सितम्बर 2025।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस ने एक ऐसे ठग को गिरफ्तार किया है, जो खुद को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) का अधिकारी बताकर लंबे समय से लोगों को गुमराह कर रहा था। वजीरगंज थाना क्षेत्र में चेकिंग के दौरान पकड़े गए इस युवक के पास से फर्जी पहचान पत्र, लाल-नीली बत्तियां और लग्जरी गाड़ियां बरामद हुईं।
‘मैं IAS हूं’ कहकर रौब झाड़ता था ठग
बुधवार को शहीद स्मारक के पास पुलिस की चेकिंग अभियान में आरोपी की गाड़ी रोकी गई। पूछताछ में उसने खुद को आईएएस अधिकारी बताया और विजिटिंग कार्ड थमा दिया। दरोगा पहले तो हैरान रह गया, लेकिन संदेह होने पर तलाशी ली गई। कार से जब लाल-नीली बत्तियां और फर्जी दस्तावेज मिले, तो आरोपी की असलियत सामने आ गई।
आरोपी की पहचान और ठगी का खेल
गिरफ्तार युवक की पहचान मऊ जिले के सराय लखंसी निवासी सौरभ त्रिपाठी के रूप में हुई है, जो फिलहाल लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार स्थित शालीमार वन वर्ल्ड सोसाइटी में रह रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि सौरभ विभिन्न जिलों और राज्यों में खुद को सचिव या विशेष सचिव बताकर सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होता था। बड़े अधिकारियों और नेताओं के साथ फोटो खिंचवाना और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करना उसकी पहचान बनाने का तरीका था। इसी बहाने वह लोगों से धन और सुविधाएं ऐंठता रहा।
सोशल मीडिया बना हथियार
सौरभ ने कई फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाए थे। कहीं वह खुद को ‘कैबिनेट स्पेशल सेक्रेटरी’ लिखता, तो कहीं ‘अर्बन-रूरल डेवलपमेंट सचिव’। इन नकली पहचानों की आड़ में उसने सरकारी कार्यक्रमों में प्रवेश पाया और समाज में रौब जमाने का काम किया।
लग्जरी कारों से चलता था रुतबा
पुलिस ने आरोपी की छह लग्जरी गाड़ियां जब्त की हैं, जिनमें डिफेंडर, फॉर्च्यूनर और इनोवा जैसी महंगी कारें शामिल हैं। इन गाड़ियों पर लगे सरकारी पास भी फर्जी निकले। इन्हीं के सहारे वह छोटे-बड़े अधिकारियों और आम लोगों को गुमराह करता रहा।
पुलिस जांच में जुटी
लखनऊ पुलिस ने बताया कि सौरभ त्रिपाठी के नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। आशंका है कि इस फर्जीवाड़े में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। संबंधित जिलों और राज्यों को सूचना भेजी गई है, ताकि उसके ठगी के पूरे दायरे का पता लगाया जा सके।
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