अप्रैल 26 से बंद हो रहा 500 के नोटों का प्रचलन?, सरकार ने किया स्पष्ट…

NGV PRAKASH NEWS


500 रुपये का नोट मार्च 2026 से बंद होने की खबर झूठी, PIB ने किया खंडन

नई दिल्ली 3 जनवरी 26।

👉सोशल मीडिया पर इन दिनों 500 रुपये के नोट को लेकर एक संदेश तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि सरकार मार्च 2026 से 500 रुपये के नोट का चलन बंद करने जा रही है। इस दावे को लेकर अब सरकार की ओर से स्थिति साफ कर दी गई है। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो ने इस संदेश को फर्जी बताते हुए इसका खंडन किया है और कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने 500 रुपये के नोटों को बंद करने को लेकर कोई घोषणा नहीं की है।

👉पीआईबी ने अपनी फैक्ट चेक रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि मार्च 2026 तक 500 रुपये के नोटों का चलन बंद किए जाने का दावा पूरी तरह झूठा है। 500 रुपये के नोट फिलहाल पूरी तरह वैध हैं और देशभर में सभी तरह के लेन-देन में स्वीकार किए जा रहे हैं। पीआईबी ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदेश को बिना जांचे आगे न बढ़ाएं।

👉पीआईबी के अनुसार कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि रिजर्व बैंक मार्च 2026 तक 500 रुपये के नोटों को वापस लेने जा रहा है, जबकि ऐसा कोई निर्णय न तो लिया गया है और न ही इसकी कोई सार्वजनिक घोषणा हुई है। लोगों को सलाह दी गई है कि किसी भी खबर पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें और फेक न्यूज फैलाने से बचें।

👉यह पहली बार नहीं है जब 500 रुपये के नोट को लेकर इस तरह की अफवाह फैली हो। इससे पहले भी कई बार सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर इस तरह की झूठी खबरें सामने आती रही हैं, जिनका सरकार और पीआईबी की ओर से समय-समय पर खंडन किया जाता रहा है।

👉इससे पहले संसद में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने भी स्पष्ट किया था कि 500 रुपये के नोटों की सप्लाई बंद करने या उन्हें वापस लेने की कोई योजना सरकार के पास नहीं है। उन्होंने यह भी बताया था कि 100, 200 और 500 रुपये के नोट एटीएम के जरिए उपलब्ध रहेंगे और इनका चलन सामान्य रूप से जारी रहेगा।

👉सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे पुराने बंद हो चुके 500 और 1000 रुपये के नोट बेचने या बदलने के नाम पर सक्रिय किसी भी गिरोह के झांसे में न आएं और किसी भी वित्तीय अफवाह से सावधान रहें।

NGV PRAKASH NEWS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *