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कन्नौज जिला जेल से दो कैदी फरार, कंबल काटकर बनाई रस्सी, 22 फीट ऊंची दीवार फांदकर भागे
कन्नौज, 06 जनवरी 2026।
उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिला जेल में कड़ी निगरानी और ऊंची दीवारों के बावजूद दो कैदी जेल से फरार हो गए। हैरानी की बात यह रही कि दोनों ने ठंड से बचाव के लिए दिए गए कंबलों को काटकर रस्सी बनाई और उसी के सहारे करीब 22 फीट ऊंची दीवार फांदकर फरार हो गए। घटना सामने आते ही जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
मामले की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री और पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार खुद जिला जेल पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी। जेल प्रशासन और सुरक्षा कर्मियों से पूछताछ की जा रही है, जबकि फरार कैदियों की तलाश के लिए कई टीमें गठित कर दी गई हैं और आसपास के जिलों में भी अलर्ट जारी किया गया है।
बताया जा रहा है कि दोपहर में कैदियों की नियमित गिनती के दौरान दो कैदी कम पाए गए। पहले रिकॉर्ड में गड़बड़ी की आशंका हुई, लेकिन बैरकों की तलाशी के बाद स्पष्ट हो गया कि दोनों कैदी गायब हैं। जेल परिसर में तलाशी के बावजूद कोई सुराग नहीं मिला। जांच में जेल की पिछली दीवार के पास कंबल से बनी रस्सी और दीवार पर चढ़ने के निशान मिले, जिससे साफ हो गया कि फरारी पूरी तरह योजनाबद्ध थी।
फरार कैदियों की पहचान तालग्राम थाना क्षेत्र निवासी अंकित और ठठिया थाना क्षेत्र निवासी डिम्पी के रूप में हुई है। अंकित जून माह में चोरी के एक मामले में गिरफ्तार हुआ था, जबकि डिम्पी दिसंबर से पॉक्सो एक्ट के तहत जेल में बंद था। दोनों एक ही बैरक में थे और कई दिनों में धीरे-धीरे कंबल काटकर रस्सी तैयार की गई, ताकि किसी को शक न हो।
इस घटना ने जिला जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 22 फीट ऊंची दीवार, प्रहरी, निगरानी और नियमित चेकिंग के बावजूद फरारी से यह सवाल उठ रहा है कि बैरक में कंबल काटे जाने की भनक जेल स्टाफ को क्यों नहीं लगी, रात की निगरानी में कहीं लापरवाही तो नहीं हुई और क्या सीसीटीवी कैमरे सही से काम कर रहे थे। प्रारंभिक जांच में जेल कर्मियों की लापरवाही की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही डीएम और एसपी ने जेल पहुंचकर निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था पर नाराजगी जताई। डीएम ने कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं एसपी ने बताया कि रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और प्रमुख चौराहों पर चेकिंग तेज कर दी गई है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
जेल प्रशासन ने भी दो डिप्टी जेलर सहित कई विशेष टीमें गठित की हैं, जो जिले के साथ-साथ आसपास के जिलों में भी तलाश कर रही हैं। पुलिस को आशंका है कि दोनों कैदी अपने पुराने परिचितों या ठिकानों की ओर भाग सकते हैं।
फिलहाल प्रशासन और पुलिस की प्राथमिकता फरार कैदियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करना है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही उन्हें दोबारा सलाखों के पीछे पहुंचा दिया जाएगा।
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