होटल मे चेक इन के तुरंत बाद कर लें यह जरुरी काम… नहीं तो यह हो सकती है यह परेशानी…….

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होटल में चेक-इन और चेक-आउट के समय सावधानी जरूरी, छोटी लापरवाही बन सकती है बड़ी परेशानी


पर्यटन और यात्रा के बढ़ते चलन के बीच होटल में ठहरना आम बात हो गई है, लेकिन चेक-इन और चेक-आउट के समय की गई छोटी-सी लापरवाही और आर्थिक नुकसान, निजी जानकारी के दुरुपयोग और कानूनी उलझनों का कारण बन सकती है।

इस मामले में विशेषज्ञों का कहना है कि होटल में प्रवेश करते और निकलते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना अपने हित में बेहद आवश्यक है।

चेक-इन के समय सबसे पहले होटल की पहचान, पंजीकरण और बुकिंग विवरण को सावधानी से सत्यापित करना चाहिए। होटल के रिसेप्शन पर दी जा रही रसीद, कमरे का नंबर, ठहरने की अवधि और किराये की पूरी जानकारी स्पष्ट रूप से देख लेनी चाहिए। कई मामलों में देखा गया है कि किराये या तारीख में हुई गलती बाद में विवाद का कारण बन जाती है।

कमरे में पहुंचते ही सबसे पहले मोबाइल के कैमरे से दरवाजे के लॉक, कुंडी, खिड़की और बालकनी की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कर लेना चाहिए। किसी भी तरह की खराबी, टूटी हुई वस्तु या गंदगी दिखाई देने पर उसका वीडियो बना कर सेव करले और इसकी सूचना होटल प्रबंधन को सूचित करना चाहिए ताकि बाद में नुकसान का आरोप खुद पर न आए। कीमती सामान जैसे मोबाइल, लैपटॉप, जेवर या नकदी को होटल के लॉकर या कमरे की सेफ में रखना अधिक सुरक्षित माना जाता है।

कमरे के हर चीज जैसे रूम, बाथरूम, बार सेल्फ का वीडियो बना लें, किसी टूटे हुई चीज का वीडियो नजदीक से बना लें साथ ही कोशिश करें की समय, डेट आदि को बोलते हुये वीडियो बनाये |

चेक-इन के समय होटल को दी जा रही पहचान संबंधी जानकारी को लेकर भी सतर्क रहना चाहिए। पहचान पत्र की केवल आवश्यक कॉपी ही दी जाए और अनावश्यक निजी विवरण साझा करने से बचा जाए। कई साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि गलत हाथों में पड़ी व्यक्तिगत जानकारी का दुरुपयोग हो सकता है।

ठहरने के दौरान होटल की सेवाओं, रूम सर्विस, मिनी बार और अतिरिक्त शुल्क वाली सुविधाओं के बारे में स्पष्ट जानकारी लेना जरूरी है ताकि चेक-आउट के समय बिल को लेकर कोई अप्रत्याशित झटका न लगे। होटल की शर्तों और समयसीमा को समझना भी जरूरी होता है, खासकर देर से चेक-आउट या जल्दी चेक-इन की स्थिति में लगने वाले अतिरिक्त शुल्क को लेकर।

चेक-आउट के समय यात्रियों को अपना पूरा बिल ध्यान से जांचना चाहिए और यह देखना चाहिए कि कोई अनावश्यक या गलत चार्ज तो नहीं जोड़ा गया है। भुगतान के बाद रसीद अवश्य लेनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी विवाद की स्थिति में प्रमाण मौजूद रहे। कमरे से निकलने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी होता है कि कोई निजी सामान पीछे न छूटे।

साथ ही, होटल की ओर से जमा कराई गई सिक्योरिटी राशि की वापसी की स्थिति स्पष्ट कर लेना भी जरूरी माना जाता है। डिजिटल भुगतान के मामले में रिफंड का स्टेटस जांचना और उसकी पुष्टि करना यात्रियों के हित में होता है।

पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि होटल में ठहरना जितना आरामदायक हो सकता है, उतना ही जोखिम भरा भी बन सकता है यदि सतर्कता न बरती जाए। इसलिए चेक-इन से लेकर चेक-आउट तक हर चरण में सावधानी, स्पष्टता और सतर्कता यात्रियों को अनावश्यक परेशानी से बचा सकती है।

बनाये गये विडिओ को क्लाउड पर सेव कर लें,अगर आगे कोई कम्प्लेन ना आये तो 2 हफ्ते बाद उसे डिलीट कर दे |

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