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गोरखपुर गोलीकांड: साढ़े सात लाख फॉलोअर्स वाली इंस्टाग्राम इंफ्लुएंसर निकली ब्लैकमेलर
गोरखपुर में युवक को गोली मारने की सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। इस मामले में गिरफ्तार की गई युवती की पहचान अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा के रूप में हुई है, जो सोशल मीडिया पर खुद को इंफ्लुएंसर के तौर पर पेश करती थी। पुलिस के अनुसार, इंस्टाग्राम पर उसके करीब साढ़े सात लाख फॉलोअर्स हैं और इसी पहचान का इस्तेमाल कर वह लोगों को ब्लैकमेल कर वसूली करती थी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि जिस युवक को अंशिका ने गोली मारी, उससे वह पहले ही 12 हजार रुपये वसूल चुकी थी और इसके बाद 50 हजार रुपये की और मांग कर रही थी। युवक द्वारा पैसे देने से इनकार करने पर उसने गोली चला दी, जिसमें युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना मंगलवार देर शाम कैंट थाना क्षेत्र के सिंघड़िया चौराहे की है, जहां स्थानीय लोगों ने युवती और उसके दो साथियों को घेरकर पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस का दावा है कि अंशिका उर्फ अंतिमा अब तक करीब 150 लोगों को अपने जाल में फंसा चुकी है, जिनमें दरोगा समेत कई पुलिसकर्मी और अन्य प्रभावशाली लोग शामिल हैं। वह सोशल मीडिया और व्यक्तिगत संपर्कों के जरिए पहले नजदीकियां बढ़ाती थी, फिर झूठे आरोपों में फंसाने की धमकी देकर पैसे वसूलती थी। सामाजिक प्रतिष्ठा और विभागीय कार्रवाई के डर से कई लोग उसे रकम देकर मामले रफा-दफा कर लेते थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अंतिमा मूल रूप से हरपुर-बुदहट क्षेत्र की रहने वाली है। उसके महंगे रहन-सहन और आपराधिक गतिविधियों के चलते परिवार ने उससे दूरी बना ली थी। सोशल मीडिया पर वह अब तक 700 से अधिक रील्स पोस्ट कर चुकी है, जिनमें वह पुलिसकर्मियों और नेताओं के साथ भी नजर आती रही है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अंतिमा और उसके साथियों के खिलाफ 12 अक्तूबर 2025 को थार जीप चोरी और फर्जी नंबर प्लेट लगाने का मुकदमा खोराबार थाने में दर्ज हुआ था। इस मामले में उसके दो साथियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि अंतिमा उस समय से कम सक्रिय होकर अंडरग्राउंड हो गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि चोरी की गई थार पर हरियाणा, बिहार और गोरखपुर की फर्जी नंबर प्लेट लगाकर शहर में गाड़ी चलाई जा रही थी।
फायरिंग की इस ताजा घटना में अंतिमा और उसके तीन साथियों के खिलाफ हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उसके पास पिस्टल कहां से आई और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है। गिरफ्तारी के बाद उसके पुराने संपर्कों और मामलों की गहन जांच शुरू कर दी गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने किन-किन लोगों को ब्लैकमेल किया और कितनी रकम वसूली।
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