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खुद को IAS बताकर DM से मिलने पहुंचा युवक, क्रॉस चेक में निकला फर्जी अधिकारी

सारण 3फरवरी 2026.
सारण जिले के जिलाधिकारी से मिलने पहुंचे एक युवक की सच्चाई उस वक्त सामने आ गई, जब तथ्यों की पड़ताल में वह फर्जी आईएएस अधिकारी निकला। आरोपी की पहचान रितेश कुमार के रूप में हुई है, जो खुद को मेरठ का नगर आयुक्त बताते हुए डीएम का बैचमेट होने का दावा कर रहा था।
जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा युवक शुरुआती बातचीत में पूरे आत्मविश्वास के साथ बात करता रहा और प्रशासनिक जानकारी भी साझा करता दिखा। लेकिन जैसे ही जिलाधिकारी ने उससे सेवा विवरण, पदस्थापन और पहचान से जुड़े सवाल पूछने शुरू किए, उसकी बातें विरोधाभासी होने लगीं। संदेह गहराने पर डीएम ने तत्काल तथ्यों का क्रॉस चेक कराया। पहचान पत्र और तैनाती से संबंधित स्पष्ट जानकारी न दे पाने पर उसकी पोल खुल गई।
जांच में सामने आया कि युवक न तो आईएएस अधिकारी है और न ही किसी प्रशासनिक पद पर कार्यरत है। इसके बाद जिलाधिकारी ने नगर थाना पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर नगर थाना ले जाया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके पिछले गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी रितेश कुमार ने पूछताछ में दावा किया है कि उसके परिवार को कुछ लोग परेशान कर रहे थे और उसी मामले में पैरवी कराने के उद्देश्य से वह डीएम से मिलने पहुंचा था। हालांकि, खुद को आईएएस अधिकारी बताकर सरकारी कार्यालय में प्रवेश करना और वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह करने का मामला गंभीर माना जा रहा है।
नगर थाना में दिए गए आवेदन में उल्लेख किया गया है कि 2 फरवरी 2026 को रितेश कुमार, पिता कृष्ण पंडित, निवासी नवाडीह, थाना छपरा मुफस्सिल, खुद को आईएएस अधिकारी बताकर डीएम के प्रकोष्ठ में पहुंचा था। संदेह होने पर जब उससे आधिकारिक पहचान पत्र मांगा गया, तो वह कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने पहले भी इसी तरह खुद को अधिकारी बताकर लोगों या प्रशासन को गुमराह किया है और इसके पीछे कोई बड़ा उद्देश्य तो नहीं था। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
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