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बस्ती में लव जाल और सेक्स ट्रैफिकिंग का सनसनीखेज खुलासा, 300 से अधिक लड़कियों को शिकार बनाने का आरोप
बस्ती, 04 फरवरी 2026.
खौफनाक साजिश ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। आरोप है कि बस्ती का एक शातिर युवक और उसका संगठित गिरोह वर्षों से युवतियों को प्रेम जाल में फंसाता रहा, फिर उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया गया। इन्हीं वीडियो को हथियार बनाकर कई लड़कियों को जबरन देश के अलग-अलग हिस्सों और विदेशों तक देह व्यापार के लिए भेजा गया। मामला सामने आते ही पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़िता बस्ती के कलवारी थाना क्षेत्र की रहने वाली है और शहर के एक निजी अस्पताल में कार्यरत थी। उसके अनुसार जनवरी 2022 में उसकी मुलाकात अजफरुल हक उर्फ प्रिंस से हुई। युवक ने खुद को हिंदू बताकर पहले हमदर्दी दिखाई, फिर बेहतर नौकरी दिलाने का झांसा दिया। बातचीत बढ़ी तो उसने भरोसा दिलाने के लिए हाथ में कलावा भी पहनना शुरू किया, ताकि किसी तरह का शक न हो। धीरे-धीरे यह रिश्ता प्रेम में बदल गया और फिर युवक ने भरोसा जीतकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद शादी का झांसा देकर लगातार उसका शारीरिक शोषण किया जाता रहा।
पीड़िता का आरोप है कि जब वह शादी की बात करने आरोपी के घर पहुंची तो हालात और भयावह हो गए। वहां आरोपी ने अपने भाई और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसे और उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दी गईं। यहां तक कि उसके भाई के अपहरण की धमकी देकर उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया गया, जिससे वह मजबूरी में आरोपी के संपर्क में बनी रही।
जांच में सामने आया है कि आरोपी और उसका गिरोह लड़कियों के निजी पलों के वीडियो और फोटो बना लेता था। बाद में इन्हीं के जरिए उन्हें ब्लैकमेल किया जाता। वीडियो वायरल करने, परिवार को बदनाम करने और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियों से पीड़िताओं को मजबूर किया जाता था। पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में दावा किया है कि इसी तरीके से करीब 300 से अधिक लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाया गया और उन्हें अलग-अलग राज्यों व नेपाल जैसे देशों तक देह व्यापार के लिए भेजा गया।
सूत्रों के अनुसार पुलिस जांच में सामने आया है कि कथित धर्मांतरण नेटवर्क जो शहर के भीतर एक गुप्त होटल से संचालित किए जानें का आरोप लगा है। पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क का मुख्य आरोपी अजफरुल हक उर्फ प्रिंस है, जो अपने सहयोगियों के साथ मिलकर हिंदू महिलाओं को प्रेमजाल में फंसाकर उन्हें प्रताड़ित करने और जबरन धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने का काम करता था।
जांच में सामने आया है कि जिस होटल से यह गतिविधियां संचालित हो रही थीं, वहां न तो किसी प्रकार का रिसेप्शन था और न ही आने-जाने वालों की पहचान दर्ज की जाती थी। होटल की बनावट भी असामान्य बताई जा रही है, जहां कमरों के भीतर कमरे और एक बेहद संकरी निकासी गली बनाई गई थी, ताकि किसी कार्रवाई की स्थिति में आरोपी आसानी से फरार हो सकें। पुलिस का मानना है कि यह ढांचा जानबूझकर इसी उद्देश्य से तैयार किया गया था।
पुलिस रिकॉर्ड की जांच में मुख्य आरोपी अजफरुल हक उर्फ प्रिंस का नाम थाने के हिस्ट्रीशीटर के रूप में सामने आया है। उस पर पहले भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपी के कृत्यों में उसके परिजन भी शामिल थे और उन्होंने भी उसे देह व्यापार के दलदल में धकेलने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार यह मामला अकेली घटना नहीं, बल्कि संगठित अपराध का संकेत देता है, जिसका नेटवर्क बस्ती तक सीमित नहीं है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत कुल आठ लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस नें मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
क्षेत्राधिकारी सदर सत्येंद्र भूषण तिवारी के अनुसार पीड़िता के बयान, डिजिटल साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही हैं। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस गिरोह के तार किसी अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से तो नहीं जुड़े हैं।
सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में नेपाल और अन्य राज्यों तक लड़कियों को भेजे जाने के संकेत मिले हैं। मोबाइल डेटा और सोशल मीडिया खातों की फोरेंसिक जांच जारी है। गिरफ्तारी के बाद इस काले खेल की परतें खुलनी शुरू हुई हैं और आने वाले दिनों में जांच आगे बढ़ने पर यह स्पष्ट होगा कि पीड़िताओं की संख्या 300 तक सीमित है या इसके पीछे इससे भी बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।
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