
नई दिल्ली 6 सितंबर 24.

भारत की एक फार्मा कंपनी ने एक ऐसा आई ड्रॉप विकसित किया है जिसे आंख में डालने के बाद 15 मिनट में नजदीक अर्थात पढ़ने वाला चश्मा आंखों से उतर जाएगा |
भारत सरकार ने इस नये आई ड्रॉप को मंजूरी प्रदान कर दी है |
अगर यह उत्पाद फार्मा कंपनी के दावे के अनुसार सफल साबित होता है तो नजदीक दृष्टि दोष के रोगियों के लिए वरदान और क्रांतिकारी साबित होगा

ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया ने प्रेसबायोपिया से पीड़ित लाखों लोगों के लिए वरदान साबित होने वाले इस उपचार को, जिसको डालने के बाद नजदीक पढ़ने के लिए चश्मे की जरूरत समाप्त हो जाएगी को मंजूरी प्रदान की है |
बताते चलें कि 40 की उम्र के बाद 90 प्रतिशत लोगों को नजदीक पढ़ने के लिए चश्मे की जरूरत पड़ जाती है |

मुंबई स्थित एंटोंड फार्मास्यूटिकल ने प्रेसवू आई ड्रॉप विकसित किया है | जिसका उद्देश्य दृष्ट संबंधी स्थिति का इलाज करना है |
अभी तक नजदीक दृष्टि दोष का इलाज पढ़ने वाले चश्मे और सर्जरी द्वारा लैंस प्रत्यारोपण किया जाता रहा है |
लेकिन आप आई ड्रॉप एक उन्नत विकल्प प्रदान करता है जो 15 मिनट के भीतर नजदीकी दृष्टि को पढ़ने योग्य बना देता है |
प्रेसवू ने इसके निर्माण व बनाने की प्रक्रिया के के संदर्भ में इस आविष्कार के पेटेंट के लिए भी आवेदन किया है |
यह फार्मूला न केवल पढ़ने के चश्मे से छुटकारा दिलाता है बल्कि एक अतिरिक्त लाभ रूप में आंखों को चिकनाई देने में भी मदद करता है |
एंटोड फार्मास्युटिकल्स के सीईओ निखिल मसूरकर के अनुसार प्रेसवू
हमारे वर्षों के समर्पित अनुसंधान और विकास का परिणाम है |
और ड्रग कंट्रोलर आफ इंडिया का अनुमोदन भारत में नेत्र देखभाल को बदलने के हमारे मिशन में एक बड़ा कदम है|
उन्होंने कहा कि यह आई ड्रॉप्स आंसू के पीएच के साथ तेजी से तालमेल बिठाने के लिए उन्नत डायनेमिक बफर तकनीक का उपयोग करते हैं |
जिससे लंबे समय तक इस्तेमाल के लिए लगातार प्रभावकर्ता और सुरक्षा सुनिश्चित होती है |
फार्मा कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि यह नया विकल्प जीवन के गुणवत्ता में काफी सुधार करने वाला साबित होगा |


