
जी.पी. दुबे
उत्तर प्रदेश के ये गांव मास्टरों के गांव कहलाते है
👉उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का साबितगढ़ गांव प्रदेश में अपनी अनोखी पहचान रखता है |
इसे मास्टरों का गांव भी कहा जाता है |
इस गांव में प्रत्येक दूसरे घर से एक शिक्षक है |
पहासू कस्बे का यह गांव प्राइमरी से लेकर प्रधानाध्यापक तक के शिक्षकों के लिए प्रसिद्ध है |
मूलत: ब्राह्मण आबादी वाला यह गांव अब तक 100 से ज्यादा शिक्षक दे चुका है |
यहां पर शिक्षा का माहौल इतना समृद्ध है कि यहां के बच्चे भी शिक्षक ही बनना चाहते हैं |
गांव के कुछ पुरुष और महिलाएं आज भी सरकारी नौकरी में है जबकि कुछ रिटायर हो चुके हैं |
जानकारी के अनुसार लगभग 70 से ज्यादा शिक्षक अभी भी अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं |
2000 की आबादी वाले इस गांव में पुरुष और महिलाएं शिक्षा के क्षेत्र में बराबर की भागीदारी कर रही हैं |
यह गांव अपनी शैक्षिक पृष्ठभूमि को आज भी संभाले हुए हैं |
👉 इसके अलावा बरेली जिले का रिठौरा गांव को भी मास्टरों का गांव कहा जाता है
सदियों पुराने इस गांव की पहचान मुख्यतः शिक्षक समुदाय से ही है |
यहां के लोग न केवल अपने प्रदेश में बल्कि पूरे देश में भी सरकारी एवं प्राइवेट प्रतिष्ठानों में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं |
इस गांव के अधिकांश घरों में कोई ना कोई शिक्षा का कार्य कर रहा है इसलिए इसे मास्टरों का गांव भी कहते हैं |


