
जी.पी. दुबे
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सहमति से बनाया गया संबंध रेप नहीं
प्रयागराज.
सहमति के साथ बनाया गया संबंध रेप नहीं माना जाएगा |
हाई कोर्ट एक मामले में फैसला देते हुए कहा कि 12 साल तक सहमति से संबंध बनाया लेकिन सिर्फ शादी से इनकार करने पर इसे रेप नहीं कहा जा सकता |
बताते चलें कि मुरादाबाद की एक महिला ने 2018 में महिला पुलिस स्टेशन में श्रेय गुप्ता के खिलाफ रेप और ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज कराया था |
महिला का आरोप था कि उसका पति गंभीर रूप से बीमार था ऐसी स्थिति में आरोपी ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने की शुरुआत की और उससे वादा किया कि पति की मृत्यु हो जाने के बाद वह उससे शादी कर लेगा |
महिला ने आगे आरोप लगाया कि पति के मृत्यु हो जाने के बाद भी दोनों के बीच रिश्ता रहा लेकिन 2017 में वादा तोड़ते हुए उसने दूसरी महिला से सगाई कर ली |
आरोपी श्रेय गुप्ता ने इस मामले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी |
जस्टिस अनीश कुमार गुप्ता की सिंगल बेंच ने इस मामले की सुनवाई करते हुए यह निर्णय दिया कि महिला शादीशुदा होने और बच्चों को जन्म देने के बाद भी पति की जीवित रहते हुए भी आरोपी के साथ रिलेशनशिप में थी |
न्यायाधीश ने कहा कि 12 साल तक सहमति से संबंध रहा लेकिन सिर्फ शादी से इनकार करने के आधार पर इसे दुष्कर्म नहीं माना जा सकता |
कोर्ट ने इसी आधार पर मुरादाबाद में आरोपी के खिलाफ चल रही क्रिमिनल प्रोसिडिंग को रद्द करते हुए श्रेय गुप्ता को बड़ी राहत दी |
