पुराने घाव में अब नहीं काटने पड़ेंगे पैर

जी. पी. दुबे

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बीआरडी मेडिकल कॉलेज में लाइलाज घावों का नया इलाज: अब नहीं काटने पड़ेंगे पैर

बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर के डॉक्टरों ने एक महत्वपूर्ण रिसर्च में लाइलाज लेग अल्सर (पैरों के पुराने घाव) का सफल इलाज ढूंढ निकाला है।
इस नए इलाज में मरीज के खून से निकले प्लाज्मा और फाइब्रीन का इस्तेमाल किया गया, जिससे लंबे समय से ठीक न होने वाले घाव भी महज 6 हफ्तों में ठीक हो गए।

रिसर्च की मुख्य बातें:

88 मरीजों पर शोध: लंबे समय से एंटीबायोटिक और अन्य उपचारों के बावजूद जिनके घाव ठीक नहीं हो रहे थे, उन 88 मरीजों को रिसर्च के लिए चुना गया।

मरीज के खून से इलाज: मरीजों के खून से प्लाज्मा रिच प्लेटलेट्स (PRP) और प्लाज्मा रिच फाइब्रीन (PRF) निकाला गया। इसका उपयोग घावों पर मलहम की तरह किया गया।

उपचार के नतीजे: PRF का इस्तेमाल करने वाले मरीजों के घाव साढ़े चार हफ्ते में ही ठीक होने लगे, जबकि PRP वाले मरीजों में साढ़े पांच हफ्ते बाद सुधार देखा गया।

सफल परिणाम: इस रिसर्च के सफल नतीजे अब इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित करने के लिए भेजे गए हैं।

कौन लोग होते हैं इस बीमारी से प्रभावित
यह बीमारी ज्यादातर ऐसे लोगों को प्रभावित करती है जो लंबे समय तक खड़े रहने वाली नौकरियों में होते हैं, जैसे शिक्षक, पुलिसकर्मी, सैनिक, और अर्धसैनिक बल के जवान।

डॉ. अनिल कुमार गुप्ता और सीनियर रेजिडेंट डॉ. स्नेहलता द्वारा की गई इस रिसर्च से अब लेग अल्सर के मरीजों को अपने पैर खोने का डर नहीं रहेगा। यह विधि भविष्य में ऐसे मरीजों के इलाज के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बन सकती है।

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