प्रेमिका से पाना चाहता था छुटकारा : फिर उसने दृश्यम स्टाइल में…

Gyan Prakash Dubey

नागपुर 22 अक्टूबर 24
महाराष्ट्र के नागपुर में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है।
जहाँ पुलिस ने सेना के एक जवान को अपनी प्रेमिका की कथित तौर पर हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
आरोपी ने बॉलीवुड फिल्म दृश्यम स्टाइल में पूरी वारदात को अंजाम दिया।
उसने पहले प्रेमिका की हत्या की और फिर उसे दफनाने के बाद शव को सीमेंट से ढक दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार वह तलाकशुदा लड़की से मेट्रोमोनियल साइट से मिला था।
उसे लड़की से प्यार हो गया पर घरवाले शादी को तैयार नहीं थे |
घर वालों ने उसकी किसी और से शादी करा दी। शादी के बाद वह प्रेमिका से छुटकारा पाना चाहता था।

आरोपी व्यक्ति की पहचान अजय वानखेड़े (33) निवासी कैलाश नगर नागपुर के रूप में हुई | और इस समय वह नागालैंड में तैनात है।
पुलिस के अनुसार, अजय की मुलाकात एक विवाह पोर्टल के जरिए तलाकशुदा ज्योत्सना आकरे 32 वर्ष से हुई थी और उनकी दोस्ती जल्द ही प्रगाढ प्यार में बदल गई।
अधिकारी ने बताया कि मामला उसे समय गड़बड़ हुआ जब अजय के परिवार ने उनके विवाह का विरोध किया और उनकी शादी दूसरी महिला से करा दी।

अधिकारी ने बताया कि अजय ने लड़की को नजरअंदाज करना शुरू कर दिया था। उसने कथित प्रेमिका से छुटकारा पाने के लिए हत्या की योजना बनाई है। अजय पर ज्योत्सना को नशीला पदार्थ देने, गला घोंटकर उसकी हत्या करने और फिर उसके शव को नागपुर जिले में एक सुनसान जगह पर दफनाने का आरोप है। अधिकारी ने बताया कि अपराध छिपाने के लिए उसने शव को सीमेंट से ढकने की भी कोशिश की।

जब वानखेड़े ने आकरे के फोन कॉल का जवाब देना बंद कर दिया, तो उसने उसे खोजना शुरू किया और उसके एक करीबी दोस्त से संपर्क करने में कामयाब रही, जिसने वानखेड़े के ठिकाने के बारे में बताया। पुलिस ने बताया कि दोस्त ने वानखेड़े को यह भी बताया कि आकरे उसे ढूंढ रही है।
अधिकारी ने बताया, “अपनी शादीशुदा लाइफ को लेकर चिंतित वानखेड़े ने अपनी मां के मोबाइल फोन से आकरे को फोन किया और 28 अगस्त को वर्धा रोड पर मिलने के लिए बुलाया।”

आकरे एक ऑटोमोबाइल की दुकान में काम करती थी |
उसने अपने घर वालों को बताया कि वह 1 दिन के लिए अपने दोस्त के साथ काम पर जा रही है और काम समाप्त करके वह अगले दिन वापस आ जाएगी |
वानखेड़े और आकरे वर्धा रोड इलाके में मिले और एक होटल में ठहरे।
उसके बाद मे वह होटल से निकलकर पास के एक टोल प्लाजा पर पहुंचे, जहां आकरे को उसने नशीला पदार्थ मिलाकर एक पेय पदार्थ पिला दिया। आकरे के बेहोश हो जाने के बाद वानखेड़े ने उसका गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को एक सुनसान इलाके में ले गया। वहां उसने रात के अंधेरे में एक गड्ढा खोदा, उसके शव को फेंक दिया और उसे सीमेंट से ढक दिया।
पुलिस के अनुसार, बाद में उसने आकरे का मोबाइल फोन वर्धा रोड से गुजर रहे एक ट्रक में फेंक दिया।

जब आकरे घर नहीं लौटीं तो उनके परिवार ने 29 अगस्त को बेलतरोडी पुलिस में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच शुरू की गई और 17 सितंबर को अपहरण का मामला दर्ज किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की तो पता चला कि वानखेड़े और आकरे के बीच नियमित रूप से फोन पर बातचीत होती थी। पुलिस ने बताया कि वानखेड़े को पूछताछ के लिए बुलाया गया। इस बीच, वानखेड़े ने नागपुर के सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया, लेकिन उनकी याचिका खारिज कर दी गई। इसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, वहां भी 15 सितंबर को उनकी याचिका खारिज कर दी गई। अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद बेलतरोडी पुलिस ने वानखेड़े को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान वानखेड़े ने अपराध कबूल कर लिया है। उसने पुलिस को घटना स्थल तक पहुंचाया जहां फॉरेंसिक टीम द्वारा आकरे की लाश के टुकड़ों को बाहर जांच के लिए निकाल करे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया |
पुलिस ने वानखेडे के ऊपर सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करते हुए उसे जेल भेजा |

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