छापे में पूर्व परियोजना अधिकारी राजवीर सिंह के यहां मिली करोडों की संपत्ति

ज्ञान प्रकाश दुबे

लखनऊ, 23 अक्टूबर 2024
उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के पूर्व अपर परियोजना अधिकारी राजवीर सिंह के दिल्ली और नोएडा स्थित ठिकानों पर मंगलवार शाम से शुरू हुई विजिलेंस की छापेमारी बुधवार को भी जारी रही। आय से अधिक संपत्ति के मामले में यह छापेमारी की जा रही है, जिसमें अब तक 50 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का खुलासा हुआ है। इस संपत्ति में दो कॉम्प्लेक्स, एक आलीशान बंगला, 77 लाख रुपये के कैश और गहने, तथा दो हॉस्टल शामिल हैं।

मंगलवार को विजिलेंस विभाग की लखनऊ और मेरठ यूनिट ने राजवीर सिंह के नोएडा और दिल्ली स्थित पांच ठिकानों पर छानबीन शुरू की। इस कार्रवाई में पीडब्ल्यूडी के पांच अधिकारी भी मौजूद रहे, ताकि संपत्तियों का सही आकलन किया जा सके। डीजी विजिलेंस राजीव कृष्णा के अनुसार, टीम को दिल्ली में 20 करोड़ रुपये और नोएडा में 6 करोड़ रुपये के दो कॉम्प्लेक्स मिले हैं। इसके अलावा, नोएडा में करीब 5 करोड़ रुपये का एक शानदार बंगला मिला, जिसमें एक कमरे में स्थित लॉकर से 77 लाख रुपये के कैश और जेवरात बरामद किए गए हैं। बंगले में लग्जरी सामान भी मिला है, जिसकी कीमत करोड़ों में बताई जा रही है। इसके साथ ही, नोएडा में राजवीर और उनकी पत्नी के नाम से दो हॉस्टल भी पाए गए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 8 करोड़ रुपये आंकी गई है।

कई बैंकों में लॉकर की जानकारी
बुधवार को भी जारी छापेमारी के दौरान, विजिलेंस टीम को राजवीर सिंह के कई बैंकों में लॉकर होने की जानकारी मिली है, जिसकी पुष्टि के लिए बैंक से जांच की जाएगी। साथ ही, अब तक मिले लग्जरी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और साज-सज्जा का भी आकलन किया जा रहा है।

राजवीर सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच 31 मई 2019 को शुरू हुई थी। जांच के बाद, 11 मार्च 2024 को लखनऊ के विजिलेंस थाने में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में पाया गया था कि राजवीर ने वैध स्रोतों से 1 करोड़ 78 लाख रुपये की आय अर्जित की थी, लेकिन उन्होंने 2 करोड़ 67 लाख रुपये खर्च किए, जो उनकी आय से 89 लाख रुपये अधिक थे।

गौरतलब है कि हाल ही में विजिलेंस विभाग ने लखनऊ में जल निगम की इकाई सीएनडीएस के पांच रिटायर्ड इंजीनियरों के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की थी। इन अभियंताओं के खिलाफ भी आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच चल रही है, जो 2019-20 के दौरान शुरू की गई थी।

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