झारखंड में मिला पहला तक्षक नाग:

Gyan Prakash Dubey

झारखंड में पहली बार दिखा ‘तक्षक नाग’, राजा परीक्षित की कहानी से जुड़ा दुर्लभ सांप

रांची।
झारखंड के नामकुम स्थित आरसीएच परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक दुर्लभ प्रजाति का सांप देखा गया। यह सांप ऑर्नेट फ्लाइंग स्नेक बताया जा रहा है, जिसे स्थानीय लोग पौराणिक कथाओं के आधार पर तक्षक नाग कह रहे हैं। सांप का रेस्क्यू करते हुए स्नेक कैचर रमेश कुमार महतो ने इसे झारखंड में पहली बार देखा गया दुर्लभ सांप बताया।

3 फीट लंबा यह सांप बना चर्चा का केंद्र
सांप को एक कार्टन से निकलते हुए देखा गया, जिसके बाद वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। करीब 3 फीट लंबे इस सांप को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। रमेश कुमार महतो ने सांप का रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ा। उन्होंने बताया कि यह सांप बेहद खूबसूरत और दुर्लभ है, इसका शरीर गहनों की तरह चमकता है।

पेड़ों पर छलांग लगाने में माहिर

ऑर्नेट फ्लाइंग स्नेक घने जंगलों में पाया जाता है और पेड़ों पर 100 फीट तक छलांग लगाने की क्षमता रखता है। यह सांप आमतौर पर छोटी छिपकलियां खाता है और इसका जहर इंसानों के लिए ज्यादा खतरनाक नहीं होता।

पौराणिक महत्व और चर्चा

स्थानीय लोग इसे तक्षक नाग कहकर राजा परीक्षित की कहानी से जोड़ रहे हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, द्वापर युग में राजा परीक्षित को तक्षक नाग ने ही डसा था, जिससे उनकी मृत्यु हो गई थी। सांप की इस दुर्लभ प्रजाति को देखकर लोग उत्साहित हैं और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

विशेषज्ञ भी हैरान

सांप के झारखंड में पहली बार दिखने से विशेषज्ञ भी चकित हैं। रमेश महतो ने इसे राज्य में ऑर्नेट फ्लाइंग स्नेक का पहला रेस्क्यू बताया। उन्होंने कहा कि इस सांप का मिलना एक अद्भुत घटना है और इससे क्षेत्र की जैव विविधता के अध्ययन में मदद मिलेगी।

सांप को देखने उमड़ी भीड़

सांप की दुर्लभता और सुंदरता के कारण लोग इसे देखने के लिए भारी संख्या में पहुंचे। रेस्क्यू के दौरान और बाद में लोग इसे देखकर वीडियो बनाते रहे।

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