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सूरत क्राइम ब्रांच ने छह राज्यों में वांटेड कुख्यात अपराधी राजू ईरानी को दबोचा, बड़ी वारदात से पहले गिरफ्तारी
सूरत, 11 जनवरी —
सूरत क्राइम ब्रांच को उस समय बड़ी सफलता हाथ लगी है। जब उसने भोपाल के कुख्यात अपराधी राजू ईरानी उर्फ आबिद अली उर्फ रहमान डकैत को किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने से पहले गिरफ्तार कर लिया है।
यहां बताते चले कि राजू ईरानी लंबे समय से कई राज्यों की पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था और छह से अधिक राज्यों में वांटेड चल रहा था।
डीसीपी भावेश रोज़िया के अनुसार पुलिस इंस्पेक्टर जे.एन. गोस्वामी और उनकी टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि राजू ईरानी सूरत में किसी अपराध को अंजाम देने की फिराक में पहुंचा है। सूचना मिलते ही टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया।
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि राजू ईरानी भोपाल के ‘ईरानी डेरा’ इलाके का मुख्य सूत्रधार है और उसका नेटवर्क देश के 12 से अधिक राज्यों में फैला हुआ है। वह अपने भाई जाकिर अली के साथ मिलकर पूरे गिरोह का संचालन करता था। इनके अधीन छह से अधिक अलग-अलग गैंग काम करते थे, जो देश के 14 से अधिक राज्यों में सक्रिय बताए जा रहे हैं। अभी भी आरोपी कई राज्यों में वांटेड है।
पुलिस के मुताबिक, राजू ईरानी खुद मैदान में कम उतरता था और अलग-अलग राज्यों में अपने गैंग भेजकर वारदातें कराता था। कौन सा गैंग कहां जाएगा और क्या करेगा, यह सब वही तय करता था। गिरोह का मुख्य निशाना सीनियर सिटीजन होते थे। कभी खुद को पुलिस या सीबीआई अधिकारी बताकर लोगों से गहने ले लेना, तो कभी बैरिकेडिंग लगाकर वाहन चेकिंग के नाम पर नकदी और जेवरात लूट लेना इनके आम तरीके थे। इसके अलावा जमीन कब्जा करना, हथियारों के साथ घूमना और चोरी के माल को आगे ठिकाने लगाना भी इनके काम में शामिल था। आरोपी के खिलाफ दस से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने बताया कि दिसंबर के अंतिम सप्ताह में भोपाल पुलिस ने ईरानी डेरा इलाके में बड़े पैमाने पर कॉम्बिंग अभियान चलाया था, जिसमें 150 से अधिक लोगों की जांच की गई और कई लोगों को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद से ही राजू ईरानी फरार चल रहा था। वह महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में घूमता रहा और अंततः सूरत पहुंचा था, जहां वह बैंक और अन्य ठिकानों को टारगेट कर वारदात की योजना बना रहा था।
पुलिस के अनुसार आरोपी और उसके भाई की जघन्य अपराधों में भी संलिप्तता सामने आई है। भोपाल में एक व्यक्ति को सूचना देने के शक में जिंदा जलाने की कोशिश के मामले में भी इनका नाम आया है। गिरोह के कई सदस्य पहले ही हथियारों के साथ पकड़े जा चुके हैं।
डीसीपी भावेश रोज़िया ने बताया कि फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ जारी है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
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