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मौसम के उतार-चढ़ाव में बच्चों की सेहत पर खतरा, बीमारियों से बचाव को लेकर विशेषज्ञों की सलाह
बस्ती, 03 फरवरी 2026.
इन दिनों मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। सुबह और शाम ठंडक बढ़ गई है, रातें सर्द हो रही हैं, जबकि दिन में तेज धूप निकल रही है, हर दिन में मौसम में उतार-चढ़ाव हो रहा है |
तापमान में लगातार बदलाव में जहां वायरस जनित बीमारियां अपना पैर पसार रही है वहीं मौसम जनित बीमारियां भी लोगों को अपने चपेट में ले रही है |
इस मौसम में अस्पताल मैं सबसे ज्यादा जुखाम, बुखार, पेट दर्द,उल्टी और कोल्ड डायरिया से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ रही है |
📍मौसम के इस उतार-चढ़ाव का सबसे अधिक असर बच्चों की सेहत पर देखा जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार ऐसे मौसम में सर्दी-खांसी, बुखार, वायरल संक्रमण, गले की खराश और पेट से जुड़ी समस्याएं बच्चों में तेजी से फैलती हैं।
⏩बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता वयस्कों की तुलना में कमजोर होती है, इसलिए बदलते मौसम में उन्हें अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है।
📍 विशेषज्ञों के अनुसार सबसे पहले बच्चों के पहनावे पर ध्यान देना जरूरी है। सुबह और शाम हल्के ऊनी कपड़े पहनाना चाहिए, जबकि दिन में धूप तेज होने पर भारी कपड़े उतार देना चाहिए, ताकि पसीना न आए। पसीना सूखने से बच्चों को सर्दी लगने का खतरा बढ़ जाता है।
बच्चों के सेहत को लेकर उनके खान-पान पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है | बच्चों के खानपान को लेकर विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बच्चों के भोजन में पौष्टिक और ताजा चीजें शामिल हों। घर का बना गरम खाना, दाल, सब्जी, चावल, रोटी, सूप और मौसमी फल बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं।
👉 ठंडी चीजें, आइसक्रीम, खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ और पैकेज्ड जंक फूड से बच्चों को दूर रखना चाहिए। साथ ही गुनगुना पानी पिलाने की आदत डालनी चाहिए।
स्वच्छता भी बच्चों को बीमारियों से बचाने में अहम भूमिका निभाती है। विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों को बार-बार हाथ धोने की आदत डालनी चाहिए, खासकर बाहर से आने के बाद और खाना खाने से पहले। नाक बहने, खांसी या बुखार जैसे लक्षण दिखने पर बच्चों को स्कूल भेजने से बचना चाहिए और समय पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
🕙नींद और दिनचर्या को लेकर भी सावधानी जरूरी है। बच्चों को पूरी नींद मिलनी चाहिए और सुबह-शाम हल्की धूप में कुछ देर खेलने देना फायदेमंद होता है। हालांकि ठंडी हवा और कोहरे में बच्चों को बाहर खेलने से रोकना चाहिए। टीकाकरण समय पर पूरा होना भी बीमारियों से बचाव के लिए जरूरी बताया गया है।
👉विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम बदलने पर थोड़ी-सी लापरवाही बच्चों को लंबे समय तक बीमार कर सकती है। ऐसे में माता-पिता की सजगता और सही देखभाल ही बच्चों को स्वस्थ रखने का सबसे बड़ा उपाय है।
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