जम्मू कश्मीर से बड़ी खबर : पहलगाम में आतंकवादियों ने नाम पूछ कर 27 पर्यटकों को मारी गोली


पहलगाम आतंकी हमला: 27 से अधिक पर्यटकों की हत्या, गृह मंत्री अमित शाह श्रीनगर पहुंचे

NGV PRAKASH NEWS

22 अप्रैल 25.
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। अब तक की जानकारी के मुताबिक, इस बर्बर हमले में 27 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें दो विदेशी नागरिक — एक इजरायली और एक इटली निवासी — भी शामिल हैं।

हमले के तुरंत बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह श्रीनगर पहुंच गए हैं। इससे पहले उन्होंने दिल्ली में एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें आईबी चीफ, सेना, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस और राज्य के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो फिलहाल सऊदी अरब दौरे पर हैं, ने सीधे गृह मंत्री को फोन कर हालात का जायजा लेने और तुरंत पहलगाम पहुंचने के निर्देश दिए।

सूत्रों के अनुसार, चार आतंकियों ने इस नृशंस वारदात को अंजाम दिया। इनमें से तीन पाकिस्तानी नागरिक और एक स्थानीय कश्मीरी था। आतंकियों ने सेना की वर्दी पहन रखी थी और वे भारी हथियारों से लैस थे। जब हमला हुआ, उस समय पर्यटक बैसरन घाटी में घुड़सवारी और नाश्ते का आनंद ले रहे थे। अचानक आतंकियों ने उन्हें घेर लिया और पंजाबी भाषा में उनका धर्म पूछना शुरू किया।

घटनास्थल से मिली जानकारी के मुताबिक, आतंकियों ने पुरुष पर्यटकों को कलमा पढ़ने को कहा और कुछ से खतना की जांच करने के लिए कपड़े तक उतरवा दिए। जो ऐसा नहीं कर सके, उन्हें गोली मार दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह पूरी घटना 50 राउंड से अधिक की फायरिंग के बीच हुई, जिसमें अधिकतर पुरुषों की मौत हुई और महिलाएं भय से स्तब्ध होकर खड़ी रहीं।

हमले के पीछे सुनियोजित साजिश की बात सामने आ रही है। खुफिया एजेंसियों को शक है कि इस हमले में कुछ स्थानीय लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने आतंकियों की मदद की। शुरुआती जांच में मोबाइल डंप डेटा की जांच की जा रही है, हालांकि आतंकी एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए एक-दूसरे से संपर्क में थे।

हमले का उद्देश्य घाटी में पर्यटकों की बढ़ती संख्या को रोकना बताया जा रहा है। आतंकियों ने एक बड़े टूरिस्ट ग्रुप को निशाना बनाया, जिससे घाटी की शांति और पर्यटन को गंभीर चोट पहुंची है। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी घटनास्थल के लिए रवाना हो चुके हैं।

यह हमला न केवल मानवीयता के खिलाफ अपराध है, बल्कि जम्मू-कश्मीर में अमन और पर्यटन को चोट पहुंचाने की एक साजिश है। देश शोक में है, लेकिन आतंक के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा है।

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