
गाजियाबाद में पुलिस महकमे में बड़ा भूचाल — 87 दागदार पुलिसकर्मी लाइनहाजिर
👉 अभी कुछ दिन पहले ही बस्ती जिले के पुलिस अधीक्षक अभिनंदन द्वारा 50 से अधिक पुलिस कर्मियों की खराब छवि को देखते हुए उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया था…
गाजियाबाद, 23 अप्रैल 2025 | NGV PRAKASH NEWS
गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट में सोमवार को एक अभूतपूर्व सख्ती देखने को मिली जब नव नियुक्त पुलिस आयुक्त जे. रविंद्र गौड़ के निर्देश पर 87 पुलिसकर्मियों को लाइनहाजिर कर दिया गया। इन पुलिसकर्मियों में कांस्टेबल से लेकर हेड कांस्टेबल और उपनिरीक्षक (SI) तक शामिल हैं। इस कदम ने न केवल पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है, बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि अब गाजियाबाद में खराब छवि और संदिग्ध आचरण वाले पुलिसकर्मियों के लिए कोई जगह नहीं बची।
जनसुनवाई के दौरान पुलिस आयुक्त को मिली शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस आयुक्त ने सभी एसीपी से अपने-अपने क्षेत्र के ऐसे पुलिसकर्मियों की सूची मंगवाई थी जो ड्यूटी के दौरान नशे में पाए जाते हैं, पुलिसिंग में लापरवाही बरतते हैं, या अवैध उगाही में लिप्त हैं। रिपोर्ट आने के बाद, चिन्हित पुलिसकर्मियों को एक ही रात में लाइनहाजिर कर दिया गया — मानो सख्ती की गाज एक साथ गिरी हो।
गणना के अनुसार, 87 में से:
- 44 पुलिसकर्मी ग्रामीण जोन से हैं,
- 33 ट्रांस हिंडन जोन से, और
- 14 पुलिसकर्मी सिटी जोन से संबंधित हैं।
पुलिस आयुक्त जे. रविंद्र गौड़ ने कमान संभालते ही कई अहम बदलावों की शुरुआत की है। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस के हेड कांस्टेबल से चालान काटने का अधिकार वापस लिया है और क्रॉस केस दर्ज कराने की प्रक्रिया को भी पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के निर्देश जारी किए हैं।
सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में कमिश्नरेट स्तर पर बड़े पैमाने पर फेरबदल हो सकते हैं। पुलिस महकमे के भीतर इसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
गाजियाबाद की कानून-व्यवस्था को नई दिशा देने की इस पहल को जनता के बीच सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। अब देखने वाली बात होगी कि यह सख्ती आगे और कितनी गहराई तक जाती है।
(NGV PRAKASH NEWS)

