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ऑपरेशन टटलू: तीन गांवों में तड़के पुलिस की घेराबंदी, साइबर ठगों में हड़कंप—10 घंटे की कार्रवाई में 42 संदिग्ध दबोचे
मथुरा,
12 दिसंबर 2025
यूपी के मथुरा जिले में गुरुवार की सुबह अचानक तीन गांवों—देवसेरस, मालीपुरा और नगला अतिया—में अफरा-तफरी मच गई, जब 300 से ज्यादा पुलिसकर्मी, तीन आईपीएस, पांच सीओ और पीएसी की पूरी टुकड़ी गाड़ियों के काफिले के साथ गांवों को चारों तरफ से घेरने पहुंच गई। करीब पांच बजे शुरू हुई यह सुनियोजित कार्रवाई इतनी तेज थी कि गांव में रहने वाले शातिर साइबर ठग घबराकर इधर-उधर भागे, लेकिन पुलिस की घेराबंदी इतनी मजबूत थी कि कोई बचकर निकल नहीं पाया।
पुलिस टीमों ने दौड़ा-दौड़ाकर संदिग्धों को पकड़ा और 10 घंटे चले इस सर्च ऑपरेशन में कुल 42 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें से 8 पहले से साइबर अपराध में वांछित थे। बरामद मोबाइल फोनों की जांच जारी है, जिनसे कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। अचानक भारी पुलिस फोर्स की घेराबंदी ने गांवों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया।
चारों तरफ से घेराबंदी—भागने का कोई रास्ता नहीं
एसएसपी श्लोक कुमार ने साइबर ठगी में लिप्त गिरोहों को जड़ से खत्म करने के लिए दो विशेष टीमें तैयार की थीं। दोनों टीमों ने गोवर्धन क्षेत्र के देवसेरस, मुडसेरस, नगला अकातिया और दौलतपुर गांवों को चारों तरफ से घेर लिया।
कुछ लोग पुलिस को आते देख जंगल की ओर भागे, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उन्हें भी दबोच लिया। करीब ढाई दर्जन से ज्यादा मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
साइबर अपराधियों का गढ़—ऑपरेशन ‘टटलू’ की बड़ी कामयाबी
मथुरा के ये गांव लंबे समय से साइबर ठगी के गढ़ के रूप में बदनाम रहे हैं। इसी वजह से इस कार्रवाई का नाम दिया गया ऑपरेशन टटलू—जिसका अर्थ है ठगों पर शिकंजा कसना।
एसपी देहात और एसपी क्राइम के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई में न सिर्फ संदिग्धों को पकड़ा गया, बल्कि उनसे फोन, असलहे और डिजिटल उपकरण भी बरामद किए गए।
पुलिस की दोनों टीमों की संरचना
पहली टीम:
- एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत (नेतृत्व)
- एसपी सुरक्षा राज कुमार अग्रवाल
- सीओ महावन संजीव राय
- सीओ छाता भूषण वर्मा
- चार इंस्पेक्टर, एक प्लाटून पीएसी
दूसरी टीम:
- एसपी अपराध अवनीश मिश्रा (नेतृत्व)
- एसपी यातायात मनोज यादव
- सीओ मांट आशीष शर्मा
- सीओ ट्रैफिक पीपी सिंह
- चार इंस्पेक्टर, एक प्लाटून पीएसी
पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है और अन्य गांवों में भी छिपे साइबर ठगों की तलाश जारी है। पकड़े गए 42 लोगों में पांच नाबालिग भी थे, जिन्हें कोई अपराध साबित न होने पर छोड़ दिया गया।
