👉 देखना यह है कि पुलिस व्यवस्था को सुधारने में लगे सख्त पुलिस अधीक्षक अभिनंदन “रिश्वतखोर थानाध्यक्ष ( इंस्पेक्टर)” पर क्या कार्यवाही करते हैं….
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मिट्टी खनन के नाम पर रिश्वतखोरी का खुलासा, एंटी करप्शन टीम ने सिपाही को रंगे हाथ पकड़ा , “थानाध्यक्ष पर लगा 25 हजार रिश्वत मांगने का आरोप”
👉 वॉल्टरगंज प्रभारी निरीक्षक के नगर थाने के प्रभारी निरीक्षक रहने के दौरान भी लगे थे रिश्वत मांगने के आरोप…सूत्र
⏩ सूत्रों के अनुसार मामले में SHO जयवर्धन सिंह का नाम आने पर थाना कोतवाली पर तहरीर बदलवाने के लिए झूठ जिले के कई दरोगा…
बस्ती 18 दिसंबर 25।
जनपद में पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां वाल्टरगंज थाने में तैनात एक सिपाही द्वारा मिट्टी खनन के नाम पर रिश्वत मांगे जाने का आरोप लगा है। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई करते हुए सिपाही को रंगे हाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के ग्राम गरौली (हथियागढ़) निवासी मनीष चौधरी ने आरोप लगाया कि उनके पिता के नाम से प्रशासन द्वारा मिट्टी खनन के लिए वैध रॉयल्टी प्रमाण पत्र जारी किया गया है |
वह नियमों के तहत मिट्टी खनन का कार्य कर रहे हैं। इसी दौरान थानाध्यक्ष वाल्टरगंज जयवर्धन सिंह द्वारा उनसे 25 हजार रुपये की मांग की गई। आरोप है कि कहां गया है यदि रुपए नहीं दोगे तो मिट्टी खनन में लगी गाड़ियां नहीं चलने पाएंगी|
मामले में सिपाही राकेश चौहान ने कहा कि उक्त रुपए मुझे दे दो मैं थानाध्यक्ष तक पहुंचा दूंगा |
पीड़ित के अनुसार, रिश्वत की रकम थानाध्यक्ष तक पहुंचाने की बात कहकर हेड कांस्टेबल के माध्यम से दबाव बनाया जा रहा था। मामले से परेशान होकर मनीष चौधरी ने एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया और पूरे प्रकरण की शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत की पुष्टि के बाद एंटी करप्शन टीम ने योजना बनाकर गुरुवार को जाल बिछाया। तय योजना के तहत जैसे ही मनीष चौधरी ने सिपाही राकेश चौहान को 15 हजार रुपये नकद दिए, मौके पर मौजूद एंटी करप्शन टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी सिपाही को हिरासत में लेकर कोतवाली लाया गया, जहां उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया गया।
सूत्रों के अनुसार, संबंधित सिपाही का स्थानांतरण गैर जनपद हो चुका था, लेकिन इसके बावजूद वह वाल्टरगंज थाने में ही जमा हुआ था। मामला सामने आते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है और उच्च स्तर पर इसकी समीक्षा की जा रही है।
एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। मामले में आगे की जांच और विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

👆 पीड़ित मनीष चौधरी..
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