IMD नें मानसून को लेकर की यह भविष्यवाणी : किसानों के चेहरों पर…


उत्तर भारत में लू का कहर जारी, लेकिन IMD ने मानसून को लेकर दी राहतभरी खबर
नई दिल्ली।

उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्से इस समय भीषण गर्मी और लू के प्रकोप से जूझ रहे हैं। अप्रैल की शुरुआत से ही तापमान में असामान्य तेजी देखी जा रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अप्रैल से जून के बीच लू की घटनाएं सामान्य से अधिक हो सकती हैं, जिससे आमजन को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, इस भीषण गर्मी के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मानसून को लेकर एक राहतभरी खबर दी है।

इस बार मानसून सामान्य से बेहतर, अल नीनो नहीं बनेगा बाधा

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने मंगलवार को दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस वर्ष जून से सितंबर तक चलने वाले दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन में देश में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि कुल वर्षा दीर्घकालिक औसत (LPA) 87 सेमी का लगभग 105 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो देश के कृषि और जल स्रोतों के लिए बेहद शुभ संकेत है।

महापात्र ने यह भी स्पष्ट किया कि इस वर्ष अल नीनो की स्थिति बनने की संभावना नहीं है। अल नीनो के कारण मानसून पर बुरा असर पड़ता है, लेकिन इस बार इसके न बनने की संभावना ने उम्मीदें बढ़ा दी हैं।

कृषि और जल संकट से राहत की उम्मीद

भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहां की लगभग 42.3 प्रतिशत जनसंख्या की आजीविका खेती पर निर्भर करती है। देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में कृषि क्षेत्र का योगदान 18.2 प्रतिशत है। इतना ही नहीं, भारत के कुल खेती योग्य क्षेत्र का लगभग 52 प्रतिशत हिस्सा मानसून की बारिश पर निर्भर करता है।

मानसून के समय होने वाली वर्षा न केवल खेती के लिए, बल्कि पीने के पानी, बिजली उत्पादन, और जलाशयों को भरने के लिए भी बेहद आवश्यक है। ऐसे में मानसून सामान्य से बेहतर रहने की संभावना ने किसानों, नीति निर्माताओं और आम जनता को राहत दी है।

जलवायु परिवर्तन की चुनौतियाँ बनी रहेंगी

हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के चलते मानसून की प्रकृति में बदलाव देखा जा रहा है। अब बारिश के दिनों की संख्या भले ही कम हो रही हो, लेकिन कम समय में अधिक वर्षा यानी अत्यधिक बारिश की घटनाएं बढ़ रही हैं। यही कारण है कि कई इलाकों में सूखा और बाढ़ एक साथ देखने को मिल रहे हैं।

फिलहाल देश के कई हिस्से गर्मी के चरम पर हैं, और बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। इस बीच IMD की भविष्यवाणी ने यह भरोसा जरूर दिलाया है कि मानसून के आगमन के साथ कुछ राहत जरूर मिलेगी।

NGV PRAKASH NEWS

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